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सीमा पार से उमर को मिल रहा था हर अपडेट

पाकिस्तानी हैंडलर के आदेश पर धमाका...10 दिन छिपाए रखा; खुले और भी राज

फरीदाबाद । आधिकारिक सूत्र ने बताया कि शिकंजा कसते देख आतंकियों को लगा कि फरीदाबाद में यूनिवर्सिटी के आस-पास जो विस्फोटक छुपाया गया है, उस तक भी पुलिस जल्द पहुंच सकती है। ऐसे में इतने दिनों की प्लॉनिंग फेल हो जाएगी। तभी पाकिस्तानी हैंडलर ने डॉ. उमर व अन्य लोगों का संपर्क आपस में कराया और फिर दो दिन बाद ही दिल्ली में बम धमाका करा दिया गया।
दिल्ली बम ब्लास्ट केस की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर आतंकी डॉ. उमर को पल-पल की अपडेट दे रहा था। मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद हैंडलर ने डॉ. उमर को कहा कि तुम यहां से जल्दी निकलो। पाकिस्तानी हैंडलर ने उमर को मेवात समेत आस-पास के इलाके में छुपने के ठिकाने बताए। इस दौरान पाकिस्तानी हैंडलर ने ही डॉ. उमर की मदद के लिए अन्य लोगों को भी काम पर लगाया। कुछ दिन तक छुपकर रहने की हिदायत पाकिस्तानी हैंडलर की ओर से दी गई।
30 अक्तूबर को मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद, उमर उसी दिन विश्वविद्यालय से चला गया और फिर कभी वापस नहीं लौटा। जांचकर्ता ने कहा, हमें अभी यह पता लगाना है कि इन 10 दिनों में वह कहां रहा?
8 नवंबर की कार्रवाई की भी उमर तक पहुंच गई थी सूचना- 8 नवंबर को जम्मू कश्मीर पुलिस व फरीदाबाद पुलिस की संयुक्त टीम एक बार फिर अल फलाह यूनिवर्सिटी परिसर पहुंची। यहां पुलिस को डॉ. शाहीन की वो स्विफ्ट कार मिली जिसे डॉ. मुज्जमिल प्रयोग कर रहा था। इसी कार की तलाशी ली गई और राइफल, पिस्टल, मैगजीन व गोलियां बरामद की गईं। ये कार्रवाई कई घंटे तक चली तो यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद लोगों व स्टॉफ ने ये देखा। ये सूचना डॉ. उमर तक पहुंची कि पुलिस फिर से यूनिवर्सिटी परिसर आ गई और स्विफ्ट कार से हथियार बरामद किए गए हैं।
आतंकियों ने प्लानिंग फेल होती देख किया धमाका- डॉ. उमर ने ये अपडेट पाकिस्तानी हैंडलर को दी कि पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है और अब अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं। आधिकारिक सूत्र ने बताया कि इसी समय पर इन्हें लगा कि फरीदाबाद में यूनिवर्सिटी के आस-पास जो विस्फोटक छुपाया गया है, उस तक भी पुलिस जल्द पहुंच सकती है। ऐसे में इतने दिनों की प्लॉनिंग फेल हो जाएगी। तभी पाकिस्तानी हैंडलर ने डॉ. उमर व अन्य लोगों का संपर्क आपस में कराया और फिर दो दिन बाद ही दिल्ली में बम धमाका करा दिया गया।
बीते लगभग 2-3 महीनों से ब्लॉक नंबर 17 के कमरा नंबर 13 में रहने वाले डॉ. मुज्जमिल और अपना कमरा छोड़कर इसी कमरे में अधिकतर समय बिताने वाले डॉ. उमर को पाकिस्तानी हैंडलर से हिदायतें मिल रही थीं। इन दोनों में सीनियर डॉ. मुज्जमिल था तो उसकी अधिक बात पाकिस्तानी हैंडलर से होती थी। जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्र ने बताया कि डॉ. मुज्जमिल के गिरफ्तार होने के तुरंत बाद यहां से भागे डॉ. उमर ने पाकिस्तानी हैंडलर को ये अपडेट दी।

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