बरेली
स्वीकृति के बाद भी, चार हजार से ज्यादा बुजुर्गों को नही मिल रही वृद्धावस्था पेंशन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। जिले में एक हजार रुपये मासिक पेंशन के लिए बुजुर्ग विभागों के चक्कर काट रहे हैं। इस वर्ष की शुरुआत में आवेदन करने वालों के खाते में अब तक पेंशन की रकम नहीं पहुंची है। वह समाज कल्याण विभाग समेत समाधान दिवस में पहुंचकर अफसरों से गुहार लगा रहे हैं।
किला के चौधरी मोहल्ला निवासी 62 वर्षीय मोहम्मद शमीम के मुताबिक, 15 फरवरी को उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। सत्यापन संबंधी तमाम जांच के बाद पोर्टल पर आवेदन स्वीकृत दिख रहा है, लेकिन पेंशन की पहली किस्त तक नहीं मिली। इस संबंध में उन्होंने समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगाए, पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। लिहाजा, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पेंशन दिलाने की मांग की है। ऐसे ही करीब चार हजार से ज्यादा बुजुर्गों के आवेदन सत्यापन के बावजूद अटके हुए हैं।
समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर के मुताबिक पोर्टल पर जितने भी आवेदन मिले थे, सबका सत्यापन हो चुका है। कोई भी आवेदन लंबित नहीं है। जिले के 96,143 बुजुर्गों को पेंशन मिल रही है। शासन स्तर से पीएफएमएस के जरिये लाभार्थियों के आधार लिंक खाते में पेंशन पहुंचेगी।
स्वत: तैयार होगी सूची डिजिटल सहमति पर मिलेगी पेंशन
शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन मिलने की लंबी प्रक्रिया से निजात दिलाने के लिए योजना बनाई है। अगर यह कवायद लागू हुई तो जिले के तमाम बुजुर्गों को आवेदन, सत्यापन और दौड़भाग से निजात मिलेगी।
एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) के तहत समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल पर फैमिली आईडी के आधार पर 60 वर्षीय व्यक्तियों की सूची पहुंचेगी। पात्र व्यक्ति की सहमति पर पेंशन जारी होगी। सहमति की प्रक्रिया डिजिटल और मैन्युअल दोनों तरह से होगी।


