अमेठी

बिजली बिल राहत योजना पर

उपभोक्ताओं को 100प्रतिशत ब्याज सहित मूलधन पर भी छूट

तीन चरणों में लागू होगी योजना

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

अमेठी। ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के निर्देश पर विद्युत उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए शुरू की गई बिजली बिल राहत योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। अधीक्षण अभियंता इंजीनियर धर्म विजय ने अधीनस्थ अभियंताओं के साथ बैठक कर उपभोक्ताओं को योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जरूरत के अनुसार बिजली उपभोक्ताओं को लाभ देने के लिए उपखंड वार‌ कैम्प भी लगाए जा सकते हैं।
विद्युत वितरण खण्ड के अधिशाषी अभियन्ता ने बताया कि उ0प्र0 पावर कारपोरेशन लि0 लखनऊ द्वारा प्रति वर्ष की भॉति इस वर्ष भी एक नई योजना ’’बिजली बिल राहत योजना 2025-26’’ (ओ0टी0एस0) योजना लागू की गयी है। 100 प्रतिशत ब्याज के अतिरिक्त मूलधन में क्रमशः प्रथम चरण 01 दिसम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक 25 प्रतिशत एवं द्वितीय चरण 01 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक 20 प्रतिशत तथा तृतीय चरण 01 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक 15 प्रतिशत की छूट प्रदान की जायेगी। उन्होंने बताया कि एल0एम0वी0-1 (घरेलू) पर अधिकतम 2 किलोवाट भार एवं एल0एम0वी0-2 (वाणिज्यिक) 1 किलोवाट भार तक के उपभोक्ताओं को छूट का लाभ दिया जायेगा तथा योजना में पंजीकरण कराने के लिए उपभोक्ता को रू0 2000 धनराशि का भुगतान पंजीकरण के समय करना होगा। उन्होंने बताया कि 31 मार्च 2025 तक के विद्युत बिल में मूल बकाये हेतु पंजीकृत उपभोक्ताओं को क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय चरण में पंजीकरण कराकर 30 दिवसों में पूर्ण भुगतान करने पर 25 प्रतिशत, 20 प्रतिशत व 15 प्रतिशत की छूट प्रदान की जायेगी तथा पंजीकरण के समय उपभोक्ता द्वारा दिये गये 3 विकल्पों यथा विकल्प-1 में एक मुश्त भुगतान एवं विकल्प-2 में रू0 750 मासिक किश्त तथा विकल्प-3 में रू0 500 मासिक किश्त में भुगतान प्रदान किया जायेगा। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि ऐसे उपभोक्ता जिनके विरूद्ध आर0सी0 निर्गत है, एल0एम0वी0-1 (घरेलू) अधिकतम 2 किलोवाट एवं एल0एम0वी0-2 (वाणिज्यिक) 1 किलोवाट भार तक को भी योजना का लाभ ले सकेंगे तथा पंजीकृत उपभोक्ता द्वारा माह 25 तक मासिक बिल के साथ किश्त की धनराशि जमा करने के साथ ही पंजीकृत उपभोक्ता द्वारा पूर्ण भुगतान करने पर ही योजना में छूट का लाभ मिलेगा, अन्यथा छूट नही दी जायेगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत विवादित एवं विभिन्न न्यायालयों में लम्बित प्रकरण वाले उपभोक्ता भी पंजीकरण कराकर तीन चरणों में छूट प्राप्त कर सकते है, जिसमें क्रमशः प्रथम चरण में राजस्व निर्धारण धनराशि का 50 प्रतिशत एवं द्वितीय चरण में 55 प्रतिशत तथा तृतीय चरण में 60 प्रतिशत पंजीकरण की धनराशि को सम्मिलित करते हुए शमन शुल्क छूट प्राप्त कर भुगतान किया जा सकता है।

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