असम के पीसीसीएफ एवं एचओएफएफ संदीप कुमार ने किया
देहरादून में आयोजित ऑल इंडिया फॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट के पदक विजेताओं को सम्मानित ।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 12 से 16 नवम्बर तक आयोजित 28वीं ऑल इंडिया फॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में असम वन विभाग की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 17 पदक जीते, जिनमें 5 स्वर्ण, 6 रजत और 6 कांस्य पदक शामिल हैं। 76 सदस्यीय टीम ने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में असम का गौरव बढ़ाया।वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में नगांव वन प्रभाग के सहायक वन संरक्षक रबिन कुमार बैश्य ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। उन्होंने 60 किलोग्राम एमवी और एमएसवी वर्ग में दो स्वर्ण पदक तथा 59 किलोग्राम एमवी और एमएसवी वर्ग में दो रजत पदक जीतकर कुल चार व्यक्तिगत पदक अपने नाम किए। महिलाओं की ट्रैक स्पर्धाओं में पाखिला इंग्तिपी ने 400 मीटर और 800 मीटर डब्ल्यूवी दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने के साथ 100 मीटर डब्ल्यूवी दौड़ में रजत और 200 मीटर डब्ल्यूवी दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने कुल चार व्यक्तिगत पदक जीते। डिस्कस थ्रो (चक्का फेंक) में बिजॉय चेटिया पात्रा ने एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर तीन पदक प्राप्त किए। 400 मीटर एमएसवी दौड़ में जॉय गोपाल बर्मन ने रजत पदक जीता। महिला भारोत्तोलन वर्ग में गितिका दास ने 63 किलोग्राम डब्ल्यूवी श्रेणी में कांस्य, उर्मिला बुधागोहेन ने 47 किलोग्राम श्रेणी में कांस्य और मधुमिता गोगोई ने 52 किलोग्राम श्रेणी में कांस्य पदक हासिल किया। मैराथन दौड़ में संगमिर टेरोनपी ने कांस्य पदक प्राप्त किया। असम वन विभाग की फुटबॉल टीम ने भी पूरे जोश और उमंग के साथ खेल दिखाया। फाइनल मैच बराबरी पर समाप्त होने के बाद पेनल्टी शूटआउट में छत्तीसगढ़ ने असम को 4–2 से पराजित कर खिताब जीता। हालांकि, असम ने कुल 67 अंकों के साथ देश में नौवां स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में देश के 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 42 टीमों ने भाग लिया। असम टीम का प्रबंधन द्विबोन कुमार बैश्य ने किया, जबकि टीम की निगरानी राजेन्द्र भारती ने बतौर नोडल अधिकारी की। बुधवार को असम के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रधान वन बल प्रमुख (PCCF & HOFF) संदीप कुमार ने गुवाहाटी स्थित अरन्या भवन, पनजबाड़ी में पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ वन अधिकारी भी उपस्थित थे। सम्मान समारोह में खिलाड़ियों को पारंपरिक फुलाम गमूचा, कैप और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया तथा उनके योगदान और उपलब्धियों की सराहना की गई।




