सिंगरौली
खेल उन्नयन के सामग्री खरीदी में लाखों का गड़बड़झालाशासकीय राजनारायण स्मृति महाविद्यालय बैढ़न का मामला
जुलाई महीने में सामग्रियों का हुआ था क्रय

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली । शासकीय राजनारायण स्मृति महाविद्यालय बैढ़न में आये दिन कोई न कोई नित्य नये कारनामे सामने आते रहते हैं। अब 3446 स्पोट्स उन्नयन के सामग्रियों के खरीदी में गड़बड़झाला करने का मामला प्रकाश में आया है।
गौरतलब है कि शासकीय राजनारायण स्मृति महाविद्यालय बैढ़न में आर्थिक अनियमितता एवं व्यापक गड़बड़झाला करने का मामला आये दिन उजागर हो रहे हैं। इसके बावजूद उच्च तकनीकि शिक्षा भोपाल में बैठे विभागीय आकाओं की चुप्पी पर कई सारे प्रश्न खड़े हो रहे हैं। शासकीय राजनारायण स्मृति महाविद्यालय बैढ़न के प्राचार्य पर उच्च शिक्षा विभाग भोपाल के अधिकारियों एवं प्रदेश सत्ताधारी एक मंत्री की मेहरवानी प्रबुद्ध जनों के समझ से परे है। विभिन्न आरोपो में घिरे प्राचार्य डॉ. एमयू सिद्धिक्की पर अब एक नया आरोप लग रहा है। दरअसल शासकीय महाविद्यालय बैढ़न में 3446 स्पोट्स (खेल उन्नयन) के तहत करीब पौने छ: लाख रूपये की मंजूरी मिली थी। जहां उक्त मद की राशि से स्पोट्स सामग्रियां खरिदने के निर्देश थे। जिसके संबंध में निविदा भी आमंत्रित की गई और इस निविदा में सीधी जिले से तीन मटेरियल सप्लायर के दुकानदारों ने टेंडर डाला। जहां उक्त राशि में से 50 प्रतिशत का काम सीधी जिले के दुकानदार को सप्लाई करने का ऑर्डर दिया गया। जबकि शेष ढाई लाख रूपये की खेल सामग्री ऐसे सप्लायर को दी गई है, जो टेंडर के वक्त हिस्सा भी नही लिया और उसे अक्टूबर महीने में मनमानी तौर पर बिना किसी कोटेशन एवं निविदा के ही स्पोट्स सामग्री अपने चहेते सप्लायर से क्रय कर लिया है। जबकि सूत्र यह भी बताते हैं कि इस संबंध में निविदा आदेश तब नही जारी और न ही तुलनात्मक चार्ट भी लिया गया। शेष ढाई लाख रूपये का भुगतान अपने चहेते सप्लायर को भुगतान किया गया कि नही, इस बात का भी पता नही चल पा रहा है। लेकिन बिल के आधार पर ढाई लाख रूपये सामग्री क्रय करने का मामला इन दिनों महाविद्यालय बैढ़न में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। फिलहाल महाविद्यालय बैढ़न में प्राचार्य की कार्यगुजारी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं की जा रही है। वहीं छात्र संगठनों की चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रही है। जिसमें मुख्य रूप से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद खामोशी पर कई शिक्षाविद सवाल उठा रहे हैं।
मैदान भी नही, खरीद लिया लान टेनिश मैट
शासकीय महाविद्यालय माड़ा, कन्या, सिंगरौली, रजमिलान एवं बरका में खेल मैदान का संकट है। फिर भी इन महाविद्यालयों में करीब 8 एवं 9 लाख रूपये की लागत से लान टेनिश मैट का क्रय भी कर लिया गया और यह रकम खनिज प्रतिष्ठान मद से मिली थी। जहां आरोप है कि डीड कॉलेज के प्राचार्य ने उक्त सामग्री की क्रय किया है। सूत्र यह भी बताते हैं कि संबंधित महाविद्यालयों के क्रीडाधिकारियों से मांग पत्र भी नही लिया गया। इसके बावजूद उक्त सामग्रियां क्रय की गई है। कुछ छात्र नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह सब इस तरह का खेल महाविद्यालयों में आम बात हो चुकी है। डीएमएफ फण्ड की राशि में खेला हुआ है। यह बात किसी से छुपी नही है। यदि डीएमएफ फण्ड राशि की जांच करा दी जाये तो, कई चौकाने वाले मामले सामने आ सकते हैं।
मंत्री के संरक्षण से महाविद्यालय चर्चाओं में
शासकीय डिग्री कॉलेज महाविद्यालय बैढ़न के प्राचार्य पर एक मंत्री के साथ-साथ विभागीय आकाओ का संरक्षण मिला है। जिसके चलते उक्त महाविद्यालय आये दिन सुर्खियों में बना रहता है। यहां बताते चले कि शासकीय महाविद्यालय बैढ़न में प्राचार्य एमयू सिद्धिक्की कई वर्षो से पदस्थ हैं। हालांकि बीच में इनका तबादला हुआ था। जहां उच्च न्यायालय के शरण में पहुंचे थे, वहां भी विभागीय जिम्मेदार अधिकारियों पर निर्णय लेने का जिम्मा छोड़ दिया गया। सूत्र बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों के साथ सांठगांठ होने के चलते प्राचार्य को बैढ़न से भारमुक्त नही किया गया। अब यहां प्रश्न किया जा रहा है कि प्राचार्य का बैढ़न डिग्री कॉलेज से मोहभंग क्यों नही हो रहा है। इसके पीछे असली वजह क्या है, इसे तो प्राचार्य ही बता पाएंगे, लेकिन ऐसे में महाविद्यालयीन पठन- पाठन अस्त-व्यस्त होने पर सवाल उठना लाजमी है।



