गोड्डा

विभिन्न सरकारी कार्यालयों में मनाया गया संविधान दिवस

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। संविधान दिवस के अवसर पर समाहरणालय परिसर में  उपविकास आयुक्त के द्वारा वरीय अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों सहित समाहरणालय संवर्ग के कर्मियों एवं पुलिस कर्मियों को संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक रूप से पाठ कराया गया। इस अवसर पर वरीय पदाधिकारियों सहित समाहरणालय संवर्ग  के कर्मियों को संविधान के मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुता—के प्रति कर्तव्यनिष्ठ एवं समर्पित रहने की शपथ दिलाई गई। संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक भारत की आत्मा है, जो प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। इसके अलावा संविधान दिवस के अवसर जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में अनुमंडल कार्यालय गोड्डा एवं महागामा, सभी प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय, कल्याण विभाग, नगर परिषद कार्यालय, श्रम अधीक्षक कार्यालय, जिला खनन विभाग कार्यालय सहित अन्य कार्यालयों में संविधान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि आजाद भारत के इतिहास में 26 नवंबर का दिन खास है। यही वह दिन है, जब गुलामी की जंजीरों से आजाद होकर अपने आजाद अस्तित्व को आकार देने का प्रयास कर रहे राष्ट्र ने संविधान को अंगीकार किया था। आज के दिन को संविधान दिवस के रूप में मानने का एक मात्र बड़ा कारण वेस्टर्न कल्चर के दौर में देश के युवाओं के बीच में संविधान के मूल्यों को बढ़ावा देना है। इसी दिन संविधान सभा ने इसे अपनी स्वीकृति दी थी। इस वजह से इस दिन को संविधान दिवस के तौर पर मनाया जाता है। भारत में दो साल 11 महीने और 18 दिन की लंबी मेहनत के बाद संविधान तैयार किया गया था। भारतीय संविधान देश के सभी नागरिकों को हर क्षेत्र में समानता का अधिकार देता है। 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान तैयार हुआ था और साल 1950 में 26 जनवरी के दिन इसे लागू किया गया था। मौके पर संबंधित पदाधिकारी एवं कार्यालय प्रधानों द्वारा उपस्थित कर्मियों को शपथ दिलाई गई कि हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को समाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरीमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर, 1949 ई0 को ऐतद द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्म समर्पित करते हैं। मौके पर अपर समाहर्ता प्रेमलता मुर्मू, अनुमंडल पदाधिकारी बैद्यनाथ उरांव, जिला भू- अर्जन पदाधिकारी रितेश जयसवाल सहित अन्य पदाधिकारीगण संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं कार्यालय प्रधान सहित कार्यालय कर्मी आदि मौजूद थे।
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