गोड्डा

राम सुंदर राम उच्च विद्यालय के हीरक जयंती पर तीन दिनों तक पूर्व वर्ती छात्रों का होगा महाजूटान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : शिक्षा के क्षेत्र मे एक अमूल्य धरोहर  मेहरमा प्रखंड स्थित राम सुंदर राम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलबड्डा अपने स्थापना का 75वा सालगिरह मना रहा है। इसे लेकर  विद्यालय परिवार और क्षेत्र वासियो ने इस समारोह को यादगार बनाने के लिए तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सर्वसम्मति  से 17से 19दिसंबर 2025 की तिथि निर्धारित की गयी है। इस कार्य मे बढ़ चढ़ कर भागीदारी निभा रहे पूर्ववर्ती छात्र रहे मनोज कुमार मेहता ने जानकारी देते हुए बताया की विद्यालय की स्थापना 1950 ईस्वी मे हुईं थी। तब आस पास तक़रीबन 15 किमी के क्षेत्र मे कोई उच्चतर शिक्षा हेतु कोई शैक्षणिक संस्थान नहीं थे जैसे की तब के लिखें गए अभिलेख से पता चला है। ऐसे मे बलबड्डा ग्राम के साथ साथ आस पास के जागरूक व प्रबुद्ध लोगो सामूहिक रूप से एक विद्यालय के स्थापना का निर्णय लिया। और आपस मे लगातार बैठक व परिचर्चा के बाद वर्ष 1950 ईस्वी मे विद्यालय की नीव रखी गयी। साथ हीं विद्यालय निर्माण मे  बेहतर अंशदान के आधार पर राम सुंदर राम उच्च विद्यालय रखा गया।गौरतलब हो की विद्यालय का स्थल भी पुराने मिडिल स्कूल परिसर के पास हीं चयनित किया गया जिसकी स्थापना 1911ईस्वी मे हुईं थी। सम्भवत गांव के पुरखो की ये सोच रहीं होगी की बलबड्डा कालांतर मे शिक्षा के क्षेत्र मे आगे चलकर लोगो जीवन मे ज्ञान का अलख जगाये।
और आगे चलकर आस पास के लाखों छात्रों ने इस विद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर देश व दुनिया मे ज्ञान का परचम लहराया। आज विद्यालय अपने स्थापना का हीरक जयंती वर्ष मना रहा है। देश व दुनिया मे इस संस्थान से ज्ञानर्जित किये छात्र अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने को आतुर है।इस विद्यालय के सत्तर के दशक के पूर्व वर्ती छात्र प्रो पंकज कुमार सिन्हा बताते है की उन्हें ख़ुशी होती है विद्यालय को वर्तमान स्वरुप मे देख कर जिसने आज भी अपनी गरिमा को कायम रखा है इस विद्यालय के छात्र  लगातार राज्य भर मे उम्दा प्रदर्शन कर रहे है। वही वर्तमान समय के कार्यरत शिक्षकों के प्रयासों की भी खूब सराहना हो रहीं है। इस सबंध मे शिक्षक सतीश कुमार बताते है की उन्हें ये जानकर गर्व महशुस होता है की इसका इतिहास कितना स्वर्णिम रहा है ऐसे मे वे अपने विद्यालय परिवार के प्रयासों से हर संभव कोशिश करते है पुरानी गरिमा बरकरार रहे। इ कार्य मे स्थानीय अभिभावक से काफ़ी मदद मिली और इन्ही के बदौलत उन्हें काफ़ी सफलता भी मिली है। वे उम्मीद करते है विद्यालय का हीरक जयंती समारोह यादगार हो इ दौरान विद्यालय को दुल्हन की तरह सजाया जायेगा वही। तीन दिनों तक खेल कूद के साथ हीं सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जाना सुनिश्चित है। इसके साथ हीं प्रभात फेरी के साथ हीं अतिथि जन व पूर्ववर्ती छात्र के साथ हीं अलग अलग क्षेत्र मे अपने प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले बिभूतियों को भी सम्मानित किया जाना तय हुआ है। इस मौक़े पर जिला प्रशासन के साथ हीं झारखण्ड सरकार के प्रतिनिधि के भी शामिल होने की संभावना है।
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