ललितपुर
धैर्य और धर्म को जानने का माध्यम है गीता

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। विश्वगीता प्रतिष्ठानम उज्जयिनी के तत्वावधान में श्रीजगदीश मंदिर प्रांगण में गीता जयंती का आयोजन किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें गीता महात्म्य पर विशेष व्याख्यान मानस मर्मज्ञ पं.बाबूलाल द्विवेदी ने दिया। उन्होंने कहा कि गीता धैर्य और धर्म दोनों को सिखाती है और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। जनमानस को इसका प्रतिदिन स्वाध्याय करना चाहिए, जिससे भारतीय संस्कारों का घरों और समाज में सकारात्मक प्रभाव पड़े। कार्यक्रम में पं.महेश मिश्रा, भगवत नारायण बाजपेयी, रमेश पाठक, जगदीश मंदिर ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इस दौरान रामेश्वर प्रसाद चतुर्वेदी, हरीराम राजपूत, किशन लाल, प्रताप नारायण, कैलाश शर्मा, आत्माराम शर्मा ने गीत गाये। कार्यक्रम में कुंदनलाल सेन, कैलाश नारायण, राजकुमारी सोनी, अशोक मिश्रा, फूलबाई, रामविलास तिवारी, नारायण साहू, शिवानी राजवती, गोविंद सिंह तोमर, लखनलाल तिवारी, विद्याशंकर मिश्र, राधा, क्रांति, कमला आदि उपस्थित रहे। अंत में जिला संयोजक नीरज द्विवेदी ने सभी का आभार व्यक्त किया।



