बरेली
ऐवान-ए-फरहत बरातघर पर गरजे बुलडोजर, भारी पुलिस फोर्स तैनात

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। सूफी टोला स्थित ऐवान-ए-फरहत बरातघर को गिराने के लिए बीडीए ने मंगलवार दोपहर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। बरातघर को गिराने के लिए दो बुलडोजर लगाए गए हैं। बीडीए के अफसर और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात है। इससे पहले यहां रहने वाले परिवारों ने कार्रवाई का विरोध किया। महिलाओं ने रोते हुए रहम की गुहार लगाई, लेकिन बीडीए की टीम ने बरातघर को अवैध निर्माण बताते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। बीडीए के दो बुलडोजर सरफराज वली खान और राशिद खां के बरातघरों को ध्वस्त करने के लिए दोपहर दो बजे यहां पहुंचे। हालांकि कर्मचारी सुबह 9:00 बजे यहां आ गए थे लेकिन प्रशासन की व्यवस्था में करीब पांच घंटे लगे और दोपहर 2:00 बजे कार्रवाई शुरू करने के लिए काफी पुलिस कोर्स के साथ बीडीए के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान छत पर मौजूद महिलाओं का काफी विरोध देखने को मिला। महिलाएं चीख रही थी, वह सरफराज वली खां और राशिद खां के दोनों बरातघरों को न गिरने के लिए रहम की भीख मांग रही थी। विरोध के बीच दोपहर 2:45 बजे बीडीए के बुलडोजर गरजने लगे।
मानक के विपरीत बने हैं बरातघर सूफी टोला में संकरे रास्ते के एक छोर पर बना ऐवान-ए-फरहत बरातघर सरफराज वली खां का है, जो अरसे से सपा से जुड़े हैं। वह सपा के कद्दावर नेता आजम खां के बेहद करीबी हैं। ऐवान-ए-फरहत से सटा गुड मैरिज बरातघर राशिद खां का है। राशिद कारोबारी हैं और बरेली बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबी बताए जा रहे हैं। बीडीए के मुताबिक दोनों ही बरातघर मानक के विपरीत बने हैं।



