गोड्डा
बसडीहा विस्थापितों का रोजगार आंदोलन
दो घंटे तक खदान बंद, हाइवा फंसे- 5 जनवरी को होगी निर्णायक बैठक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललमटिया : ईसीएल राहमहाल कोल परियोजना के विस्थापित क्षेत्र बसडीहा के बेरोजगार युवाओं ने सोमवार को रोजगार की मांग को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया. सुबह करीब 11 बजे युवाओं ने होलरोड के समीप खदान का संचालन बंद करा दिया और दो घंटे तक जाम लगाए रखा। इस दौरान दर्जनों कोयला लदे हाइवा सड़क पर ही फंसे रहे और पूरे इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। जाम लगाने वाले युवाओं का कहना है कि बसडीहा गाँव का विस्थापन हुए 6–7 साल बीत चुके हैं, लेकिन ईसीएल और उससे जुड़ी प्राइवेट कंपनियों ने अब तक रोजगार का वादा पूरा नहीं किया। उनका आरोप है कि विस्थापन के दौरान वरीय अधिकारियों ने प्राइवेट कंपनियों में नौकरी देने का आश्वासन दिया था, लेकिन कार्रवाई आज तक नहीं हुई। कई बार अल्टीमेटम देने के बावजूद समाधान नहीं होने पर युवाओं ने मंगलवार को खदान बंद कर ढुलाई कार्य पूरी तरह ठप कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही ईसीएल के जीएम ओ.पी. मुरारी, शहनवाज, मुन्ना कुमार, AMPL के जेठा शंकर और बिरला कंपनी के नित्यानंद मौके पर पहुंचे। वहीं, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ललमटिया थाना प्रभारी रौशन कुमार, SI सुरेंद्र यादव के साथ दल-बल लेकर पहुंचे और युवाओं से बातचीत की। काफी देर की वार्ता के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया कि 5 जनवरी को ललमटिया थाना परिसर में ईसीएल अधिकारियों, ग्रामीणों और बेरोजगार युवाओं की संयुक्त बैठक कराई जाएगी, जिसमें रोजगार से जुड़ा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।अब सबकी नजर 5 जनवरी की बैठक पर है। क्या बसडीहा के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, या मामला फिर सिर्फ आश्वासन तक सीमित रह जाएगा।




