स्वच्छ पानी से संवरेंगी जिंदगी, बीजीआर माइनिंग ने दो पुनर्वास कॉलोनियों में तीन आरओ प्लांट किए समर्पित
Clean water will improve lives, BGR Mining dedicates three RO plants in two resettlement colonies

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। जिले के अमड़ापाड़ा में अवस्थित पचुवाड़ा नॉर्थ कोल माइंस परियोजना के अन्तर्गत पुनर्वासित बिशनपुर और चिलगो गांवों में स्वच्छ पेयजल की लंबे समय से चली आ रही समस्या का बुधवार को समाधान हो गया। ग्रामीणों द्वारा लगातार उठाई जा रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बीजीआर माइनिंग एंड इंफ्रा लिमिटेड ने दोनों कॉलोनियों में कुल तीन रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) जल शुद्धिकरण संयंत्र स्थापित किए। इनमें दो प्लांट बिशनपुर आर एंड आर कॉलोनी में तथा एक चिलगो आर एंड आर कॉलोनी में लगाया गया है। इन आरओ प्लांटों का उद्घाटन अमड़ापाड़ा के अंचल अधिकारी औसाफ अहमद खान तथा अलूबेड़ा पंचायत की प्रमुख जूहिप्रिया मरांडी ने संयुक्त रूप से किया। स्वच्छ पेयजल सुविधा मिलने पर ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं, ने गहरी राहत व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें पीने और खाना बनाने के लिए साफ पानी मिल सकेगा, जिससे उनकी वर्षों पुरानी समस्या का अंत हुआ है। अपने सीएसआर कार्यक्रम के तहत बीजीआर माइनिंग ने दोनों पुनर्वास कॉलोनियों के प्रत्येक परिवार को एक-एक मच्छरदानी वितरित की। लगभग 170 मच्छरदानियों के वितरण से ग्रामीणों को मच्छर जनित बीमारियों से बचाव में मदद मिलेगी। इसी क्रम में बिशनपुर और चिलगो के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी-किताबें, स्लेट और विभिन्न शिक्षण खिलौने प्रदान किए गए। सामग्री मिलने से बच्चों में उत्साह देखा गया और शुरुआती शिक्षा के वातावरण को सुदृढ़ करने की दिशा में यह कदम प्रभावी सिद्ध होगा। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिशनपुर की स्वयं सहायता समूहों की 10 महिलाओं को 10 सिलाई मशीनें भी प्रदान की गईं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इससे महिलाओं को आय-वृद्धि और आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम के दौरान कंपनी प्रतिनिधियों ने कहा कि बीजीआर माइनिंग सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत प्रभावित समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए भविष्य में भी जन-हितकारी गतिविधियां जारी रखेगी।



