5 दिसंबर 2025 तक सभी इबादतगाहों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
Registration of all places of worship is mandatory by December 5, 2025.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड। झारखण्ड राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य अब्दुल कलाम रसीदी बुधवार की देर शाम पाकुड़ पहुंचे। सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम के बाद गुरुवार को उन्होंने मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों के साथ एक कार्यशाला में हिस्सा लिया। कार्यशाला में वक्फ बोर्ड से इबादतगाहों के रजिस्ट्रेशन पर विस्तार से चर्चा हुई।रसीदी ने बताया कि मस्जिद, मदरसा, कब्रिस्तान, दरगाह समेत सभी धार्मिक स्थलों का रजिस्ट्रेशन वक्फ एमेंडमेंट एक्ट 2025 के तहत अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि एक्ट में दर्ज प्रावधानों का पालन किए बिना आने वाले दिनों में किसी भी सरकारी कार्रवाई से बच पाना मुश्किल होगा। इसलिए समाज के लोग अपने-अपने इबादतगाहों को वक्फ बोर्ड में दर्ज कराने में पूरा सहयोग दें।उन्होंने बताया कि झारखंड के कल्याण मंत्री, वेलफेयर सेक्रेटरी और वक्फ बोर्ड के सदस्यों के साथ बैठक कर रजिस्ट्रेशन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए हैं। अभी राज्य में करीब डेढ़ सौ वक्फ प्रॉपर्टी ही रजिस्टर्ड हैं, जबकि शेष इबादतगाहों का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।रसीदी ने कहा कि वक्फ एमेंडमेंट एक्ट 2025 के तहत जारी नोटिफिकेशन में 5 दिसंबर 2025 से पहले सभी इबादतगाहों का डेटा उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करने का निर्णय लिया गया है। इसी को लेकर राज्य स्तरीय जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बोर्ड के सदस्य विभिन्न जिलों का दौरा कर समाज के लोगों को जानकारी दे रहे हैं।उन्होंने बताया कि दो और तीन दिसंबर को बोकारो और धनबाद में कार्यक्रम होने के कारण वे 4 दिसंबर को पाकुड़ पहुंचे। जिला कल्याण पदाधिकारी और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में वक्फ प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।रसीदी ने कहा कि पाकुड़ जिले में सिर्फ दो प्रॉपर्टी — पाकुड़िया जामा मस्जिद और महेशपुर का सेनपुर जामा मस्जिद ही रजिस्टर्ड हैं। शेष सभी इबादतगाहों को 5 दिसंबर के बाद पोर्टल खुलते ही ऑनलाइन आवेदन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए जमीन से जुड़े कागजात, रेगुलेशन, पैन कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी कार्यशाला में दी गई।उन्होंने कहा कि वक्फ एक्ट का पालन करना हर मुस्लिम नागरिक की जिम्मेदारी है। रजिस्ट्रेशन होने से इबादतगाह कानूनन सुरक्षित रहती हैं और उनका रिकॉर्ड भी मजबूत होता है।



