बाराबंकी

इन-सीटू फसल अवशेष प्रबंधन पर जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

बाराबंकी। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) हैदरगढ़ को इन-सीटू फसल अवशेष प्रबंधन पर जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. एस. एस. सिंह, डीन, कृषि, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, सासाराम, बिहार रहे। उन्होंने फसल अवशेष जलाने से होने वाले पर्यावरणीय प्रभावों और मिट्टी की उर्वरता पर पड़ने वाले नकारात्मक असर पर प्रकाश डालते हुए किसानों को इन-सीटू प्रबंधन तकनीकों को अपनाने हेतु प्रेरित किया। विशेष अतिथि श्री आलोक तिवारी,अध्यक्ष, नगर पंचायत हैदरगढ़ ने किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने की सलाह दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आर. बी. सिंह, निदेशक प्रसार ने की। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन न केवल लागत में कमी लाता है, बल्कि दीर्घकाल में मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों का मार्गदर्शन डॉ. अश्वनी कुमार सिंह, प्रमुख, केवीके हैदरगढ़ ने किया।  डॉ. भास्कर प्रताप सिंह ने फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न तकनीकों, आधुनिक उपकरणों जैसे की सुपर सीडर,  हैप्पी सीडर, सुपर स्ट्रॉ मैनेजमैट, रोटावेटर एवं इनके लाभों पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. रूपन राघववंशी ने किया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. समीर कुमार पांडे, डॉ. अर्चित शुक्ला के साथ बड़ी संख्या में किसान और कृषक महिलाएं मौजूद रहे और फसल अवशेष प्रबंधन के महत्व, तकनीकी पहलुओं एवं इसके व्यावहारिक उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
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