
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले सरकार में खेल विभाग अलग किया था। अब नई सरकार में उन्होंने तीन नए विभाग बनाने का ऐलान किया है। एक विभाग रोजगार, दूसरा शिक्षा और तीसरा नागर विमानन का विकास करेगा।
बिहार सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए अब एक अलग विभाग लेकर आई है। साथ ही सरकार उच्च शिक्षा और बिहार में नागर विमानन के विकास को लेकर भी सक्रिय हुई है। इन क्षेत्रों के लिए भी अलग-अलग विभागों का गठन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा के विशेष सत्र के अंतिम दिन के समापन के बाद यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अगले 5 वर्षों (2025-30) में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देना आवश्यक है और उन्हें गुणवत्तापूर्ण उच्च एवं तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना भी जरूरी है। साथ ही लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सघन अनुश्रवण की भी आवश्यकता होगी।
इसी उद्देश्य से राज्य में तीन नए विभाग, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, नागर विमानन विभाग के गठन का निर्देश दिया गया है। इन विभागों के सृजन से राज्य में युवाओं को नौकरी और रोजगार दिलाने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के जरिए अगले 5 वर्षों में बड़ी संख्या में युवाओं को उद्यमिता के अवसर प्रदान करने और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है।
उच्च शिक्षा विभाग के गठन का उद्देश्य उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार करना, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा का विकास करना और सभी वर्गों के युवाओं को रोजगारपरक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कई नए हवाई अड्डों का निर्माण हो रहा है और भविष्य में उड़ान योजना के तहत कई बड़े-छोटे हवाई अड्डों का निर्माण भी प्रस्तावित है। अलग से नागर विमानन विभाग बनने से इन परियोजनाओं में तेजी आएगी, औद्योगिक माहौल बेहतर होगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य में निर्मित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय और बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम (इ्रँं१ टं१‘ी३्रल्लॅ ढ१ङ्मेङ्म३्रङ्मल्ल उङ्म१स्रङ्म१ं३्रङ्मल्ल) बनाने का भी निर्णय लिया है, ताकि सरकारी नौकरी और रोजगार देने के लक्ष्य को आसानी से पूरा किया जा सके। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय के तहत प्रत्येक जिले में मेगा स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को एमएसएमई से जुड़े कौशल विकास का प्रशिक्षण मिल सके और उन्हें अधिक रोजगार अवसर प्राप्त हों। बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम के गठन से कृषि, पशुपालन, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, ग्रामीण उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग जैसे क्षेत्रों में उत्पादन, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था मजबूत होगी, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के सुखद भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है। अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। बिहार के युवा दक्ष और आत्मनिर्भर बनें, उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलें और उनका भविष्य सुरक्षित हो—इसी संकल्प के साथ सरकार आगे बढ़ रही है।



