बरेली
26 सितंबर की हिंसा पर पुलिस का निर्णायक वार
कानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बक्सा नहीं जाएगा

मौलाना तौकीर रजा समेत 90 नामजद, सात मामलों में चार्जशीट दाखिल
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
बरेली। शहर की सड़कों पर 26 सितंबर को मचाई गई अराजकता को लेकर बरेली पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा है कि दंगाइयों में हड़कंप मच गया है। दंगे, पथराव और पुलिस पर जानलेवा हमलों के इस गंभीर मामले में पुलिस ने साफ संदेश दे दिया है कि अब कोई भी आरोपी कानून की पकड़ से बच नहीं पाएगा। पूरी रणनीति के साथ की जा रही कार्रवाई में दोषियों को लंबे समय तक जेल भेजने की तैयारी है।
हिंसा के इस प्रकरण में कथित मास्टरमाइंड बताए जा रहे मौलाना तौकीर रजा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस ने सात संगीन मामलों में चार्जशीट दाखिल करते हुए मौलाना तौकीर रजा समेत कुल 90 आरोपियों को नामजद किया है। सभी आरोप पत्र संबंधित न्यायालय में पेश कर दिए गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में कानूनी शिकंजा और कसने के संकेत मिल रहे हैं। एसपी सिटी मानुष पारीक के मुताबिक, 26 सितंबर को इस्लामिया ग्राउंड में भीड़ जुटाने का आह्वान किया गया था। इसके बाद कोतवाली थाना क्षेत्र के जिला पंचायत रोड पर हालात बेकाबू हो गए। जिला पंचायत गेट के सामने प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और उपद्रवियों ने पुलिस बल पर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।
उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों से हथियार, वायरलेस सेट और एंटी-राइट गन तक छीन लीं। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी गई। इस पूरे मामले में पुलिस ने दंगा, सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान और पुलिस पर जानलेवा हमला जैसी कठोर धाराओं में कुल 12 मुकदमे दर्ज किए। अब तक की कार्रवाई में 100 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि 18 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। गहन विवेचना के बाद सात मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। शेष पांच मुकदमों की जांच तेज गति से जारी है और जल्द ही और आरोपियों पर कार्रवाई की तैयारी है।
पुलिस का दो टूक संदेश है—कानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा ।


