सिंगरौली
सुर्खियों में “कार्यवाही”, ज़मीन पर सवाल
दो–चार गाड़ियों पर दिखावटी कार्रवाई, खनिज अमले की खुद की वाहवाही!

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
सिंगरौली। जिले में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर खनिज विभाग भले ही पीठ थपथपा रहा हो, लेकिन हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। कभी–कभार दो–चार अवैध कोयला लदी गाड़ियों पर कार्रवाई कर खनिज अमला अपनी खुद की वाहवाही करता नजर आ रहा है, जबकि संगठित तरीके से चल रहे अवैध खनन पर विभाग की नजर अब भी टेढ़ी बनी हुई है।
सहकार ग्लोबल पर सवालों का पहाड़
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सहकार ग्लोबल द्वारा खुलेआम अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। रात के अंधेरे में मशीनें चलती हैं, ट्रक भर–भरकर रेत निकाली जाती है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
चुनिंदा कार्रवाई या मिलीभगत?
प्रश्न यह उठता है कि—
क्या खनिज अमला सिर्फ छोटे मामलों पर ही कार्रवाई कर रहा है?
बड़े और प्रभावशाली नामों पर हाथ डालने से क्यों बचा जा रहा है?
क्या अवैध रेत उत्खनन को मौन संरक्षण मिला हुआ है?
जनता की मांग
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि—
सहकार ग्लोबल के अवैध रेत उत्खनन की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
सिर्फ दिखावे की नहीं, बल्कि सख्त और समान कार्रवाई हो।
दोषी पाए जाने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अब देखना यह है कि खनिज अमला अपनी “दिखावटी कार्रवाई” से आगे बढ़कर वास्तविक अवैध खनन माफिया पर कब और कैसे शिकंजा कसता है। जनता की नजरें अब जवाब पर टिकी हैं।



