सिंगरौली
ग्राम पंचायत पिपरा झांपी में पंचायत फंड के दुरुपयोग का मामला उजागर
215 बोरी सीमेंट, 760 किलोग्राम लोहा, 10 किलोग्राम स्टील तथा मार्बल/टाइल्स का उपयोग पुलिया में नजारा आपके सामने

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
सिंगरौली। ग्राम पंचायत पिपरा झांपी में पंचायत फंड के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। उपलब्ध दस्तावेजों, सामग्री विवरण और स्थल निरीक्षण के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि पुलिया निर्माण के नाम पर लगभग 4 लाख रुपये का व्यय दर्शाया गया है। यह निर्माण अनुसूचित जाति बस्ती बुधेला, रामलाल बसोर के घर के पास कराया गया बताया गया है।
रिकॉर्ड के अनुसार, कार्य में 215 बोरी सीमेंट, 760 किलोग्राम लोहा, 10 किलोग्राम स्टील तथा मार्बल/टाइल्स का उपयोग दर्शाया गया है। हालांकि, स्थल पर मौजूद संरचना और उपलब्ध वीडियो साक्ष्य के तुलनात्मक अवलोकन से यह पाया गया कि वास्तविक निर्माण का आकार और गुणवत्ता दर्शाए गए खर्च के अनुरूप नहीं है, जिससे सामग्री खपत और भुगतान विवरण में गंभीर असंगति सामने आती है।
ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सरपंच की भूमिका केवल नाममात्र की बताई जा रही है। पंचायत के अधिकांश कार्यों का संचालन कथित तौर पर उनके दो सहयोगियों/दलालों द्वारा किया जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि पंचायत के अधिकांश कार्यादेश (पेमेंट/टेंडर) फर्जी प्रक्रियाओं के जरिए उन्हीं से संबद्ध फर्मों को दिए जाते हैं।
दस्तावेजी प्रविष्टियों, भौतिक सत्यापन और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पंचायत फंड के अनुचित उपयोग का निष्कर्ष निकलता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी माप-जोख, सामग्री सत्यापन और भुगतान की स्वतंत्र ऑडिट कराई जाए, साथ ही जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका निर्धारित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर जांच एवं जवाबदेही तय किए जाने की प्रक्रिया अपेक्षित है।



