अतिसंवदेनशील जिला अस्पताल परिसर के समीप डंप हो रहा कचरा
मरीज, प्रसूताओं व नवजात बच्चों के बीच बढ़ा संक्रमण का खतरा, स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0): देश के प्रधानमंत्री के आव्हान पर बालाघाट जिले में भी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगातार स्वच्छता को लेकर काम किए जा रहे है जिसके लिए बजट भी मुहैया कराया जा रहा है, लेकिन नगरीय प्रशासन बालाघाट स्वच्छता को दूर की बात है, वह संवेदनशील क्षेत्र में भी कचरा डंप करने से चूक नहीं रहा है। जिससे न सिर्फ रहवासी बल्कि मरीजों भी संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसी स्थिति से निजात दिलाने के उद्देश्य से गुरुवार को स्थानीय लोगों ने नगरीय प्रशासन के इस रवैये का विरोध जताया है, और तत्काल ही डंप कचरा को हटाकर साफ-सफाई किए जाने की मांग की गई हैं।
*पानी की टंकी परिसर में डंप किया जा रहा कचरा, समीप ही हो रहा प्रसूता वार्ड का संचालन*
बता दें कि जिस स्थान पर वर्तमान समय में कचरा डंप किया जा रहा है जिसमें आवारा मवेशी, कुत्ते और सूअर तक विचरण कर है, यह स्थान बूढ़ी वार्ड क्रमांक 14 स्थत पानी की टंकी का स्थान है, इस पानी की टंकी से नगरीय क्षेत्र को पाने के पानी की पूर्ति भी का जाती है, वहीं वार्ड क्रमांक 11,12,13 व 14 की आबादी भी रह रही है। इसके साथ ही पांच सौ बेड का शहीद भगत सिंह जिला अस्पताल भी संचालित है, जिसका प्रसूता वार्ड ट्रामा सेंटर उक्त कचरे के समीप ही संचालित हाे रहा है, यहां पर रोजाना ही बड़ी संख्या में सीजर व सामान्य प्रसव होते है, और प्रसूताओं के साथ ही नवजात बच्चों का उपचार किया जाता है। ऐसी स्थिति में कचरा डंप होने से गदंगी, दुर्गध के साथ ही संक्रमण होने का खतरा बढ़ गया है।
घर-घर से ले रहे अलग-अलग, यहां कर रहे इकट्टा
स्थानीय रहवासी कपिल मेश्राम, नीटू कौशल सहित अन्य ने इस समस्या को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा है कि नगरीय प्रशासन रोजाना ही वार्ड-वार्ड पहुंचकर घर-घर से गीला कचरा, सूखा कचरा अलग ले रहा है, और इसे नगरीय क्षेत्र से बाहर ले जाकर डंप करने के बजाय पानी की टंकी परिसर में ही एक साथ डंप किया जा रहा है जिससे यहां की स्थिति दयनीय हो चुकी है, उन्होंने बताया कि यहां डंप कचरा कई-कई दिनों तक उठाया ही नहीं जाता है जिससे बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ गया है।
इसी लापरवाही के चलते लग चुका है, 17 करोड़ से अधिक का जुर्माना
सेंट्रल एनजीटी भोपाल ने नगरीय प्रशासन बालाघाट के कचरे का सहित तरीके से प्रबंधन नहीं करने के मामले ही 17 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया है, और इस जुर्माना की वसूली किए जाने की जिम्मेदारी बालाघाट कलेक्टर को सौंपी है जिसके बाद तहसीलदार के द्वारा नगरीय प्रशासन को जुर्माना राशि जमा किए जाने के लिए नोटिस भी जारी किया गया है, बावजूद इसके व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के बजाय नपा ओर अधिक गंभीर बना रही है। वहीं इस मामले में स्थानीय लोगों ने जल्द ही डंप कचरा को उठाकर साफ- सफाई करने और दोबारा कचरा नहीं फेंकने की मांग की है, और सुधार नहीं होने पर कलेक्टर से इसकी शिकायत किए जाने की चेतावनी भी दी है।
इनका कहना…..
बूढी पानी की टंकी परिसर में वार्डों से छोटे वाहनों से लाए हुए कचरे को बड़े वाहन में रखकर नगरीय क्षेत्र से बाहर ले जाया जाता है, कचरा डंप नहीं किया जाता है, यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है तो इसे मैं दिखवाता हूं।
अजेन्द्र सिंग
स्वास्थ्य शाखा प्रभारी, नगर पालिका बालाघाट



