कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में बैंक निभाएं प्रभावी भूमिका- उपायुक्त
Banks should play an effective role in taking welfare schemes to the last person - Deputy Commissioner

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (DLCC) एवं जिला स्तरीय साख समिति (DCC) की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025–26 की वार्षिक ऋण योजना, द्वितीय तिमाही की प्रगति, ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) सहित विभिन्न बैंकिंग योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), पीएमईजीपी, पीएमएफएमई, मत्स्य, डेयरी, स्वयं सहायता समूह (SHG) वित्तपोषण, पीएम स्वनिधि, आरसेटी, एनपीए खातों की स्थिति, तथा CFL/FLC द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविरों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही नीति आयोग के अंतर्गत संचालित पीएमजेडीवाई, पीएमएसबीवाई, पीएमजेजेबीवाई, पीएमएमबीवाई एवं एपीवाई योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर भी चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए जिले को कुल 1596 करोड़ रुपये का ऋण लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध प्रथम तिमाही में 32.49 करोड़ रुपये की उपलब्धि प्राप्त हुई है। वहीं जिले का सीडी रेशियो 44.27 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिया कि प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र लाभुक योजनाओं से वंचित न रह जाए। उपायुक्त मनीष कुमार ने बैंकों में पूर्व से लंबित 115 केसीसी आवेदनों तथा आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त 837 आवेदनों को 5 जनवरी तक स्वीकृत कर किसानों को लाभान्वित करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को समय पर ऋण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन एवं बैंकों की संयुक्त जिम्मेदारी है। उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी एवं जिला अग्रणी प्रबंधक को निर्देश दिया कि किसानों के लिए विशेष कैंप लगाकर नए आवेदन सृजित किए जाएं तथा इन कैंपों की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रकाशित की जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान योजनाओं का लाभ उठा सकें। इसके साथ ही जिला अग्रणी प्रबंधक को निर्देशित किया गया कि विभिन्न बैंक शाखाओं में लंबित किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आवेदनों के निष्पादन की प्रगति का नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करे और समयबद्ध कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक समेत विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।



