
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद। डीएलएफ क्षेत्र में पार्षद रामनिवास त्रिपाठी के आवास पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती, डॉ. मदन मोहन मालवीय जयंती, सुशासन दिवस एवं तुलसी दिवस के उपलक्ष्य में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जो श्री राजेंद्र सोनी एवं रेखा कश्यप के द्वारा किया गया। संस्कृत भारती के विभाग संयोजक, यमुना विहार विभाग के श्री रोकेश चंद सेमवाल, पूर्व प्रचारक ईश्वर चंद्र, आईटी सेक्टर से जुड़े व इंडिया लीड करने वाले श्री मानसुभाष झा, दिलीप झा, शैलेंद्र त्रिपाठी, धर्मेंद्र त्रिपाठी, विनोद शुक्ला, पंकज शर्मा, संतोष गुप्ता, राकेश आनंद, प्रवीण, मनीष, ब्रह्मदेव कुशवाहा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम संचालन संतोष तिवारी एवं दीपक ने किया, जबकि समापन शंभू नाथ मिश्रा ने किया।
रामनिवास त्रिपाठी का प्रेरक सम्बोधन
अपने सम्बोधन में पार्षद रामनिवास त्रिपाठी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वाजपेयी जी भारतीय राजनीति के वह विराट व्यक्तित्व थे, जिन्होंने राष्ट्रहित को सदैव सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा
“अटल जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि राजनीति सेवा का माध्यम है, सत्ता का साधन नहीं। सुशासन तभी संभव है, जब समाज का अंतिम व्यक्ति भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हो।”
त्रिपाठी जी ने सुशासन दिवस के महत्व पर बोलते हुए कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक प्रशासन ही सुशासन की आधारशिला हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए समाज, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने तुलसी दिवस के संदर्भ में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा कहा कि तुलसी हमारे आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं स्वास्थ्य मूल्यों का प्रतीक है, जिसे संरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
अंत में, उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे सार्थक कार्यक्रम सफल हो पाते हैं।



