असम

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विद्यार्थियों से AI और विज्ञान के युग के लिए तैयार रहने का किया आह्वान। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को विद्यार्थियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), वैज्ञानिक नवाचार और नैतिक जिम्मेदारी से संचालित तेजी से बदलती दुनिया के लिए खुद को तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने गुवाहाटी के मालीगांव में तरुन संघ पुथिभराल मैदान पर आयोजित विशेष felicitation कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। यह कार्यक्रम जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है, जिसमें एचएसएलसी और उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। डॉ. सरमा ने बताया कि 2002 में केवल 288 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया था, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 2,116 हो गई है, जो इस क्षेत्र में शिक्षा की प्रगति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 2002-03 में सम्मानित कई विद्यार्थी आज समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। एआई के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने इसके दुरुपयोग की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि देश अब ऐसे दौर में प्रवेश कर चुका है जहां एआई की मदद से व्यक्ति के द्वारा कभी न दिए गए बयानों को तैयार कर प्रसारित किया जा सकता है, जिससे बाद में स्पष्टीकरण जारी करने पड़ते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के भाषणों को भी एआई से तोड़-मरोड़कर पेश करने के उदाहरण दिए, जो भ्रम और नकारात्मक सामाजिक परिणाम पैदा कर सकता है। डॉ. सरमा ने खुलासा किया कि असम सरकार ने हाल ही में कथित ‘गोल्डन ट्रायंगल’ में साइबर गतिविधियों में लिप्त लगभग 150 युवाओं को वापस लाया है। उन्होंने कहा, “विज्ञान के आगे बढ़ने और समाज के बदलने के साथ नैतिकता की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।” रोजगार के भविष्य पर बोलते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अगले पांच वर्षों में कई पारंपरिक नौकरियां पूरी तरह बदल जाएंगी। शिक्षण और चिकित्सा जैसे पेशों में भी तकनीक और रोबोटिक्स का दबदबा बढ़ेगा। इसलिए विद्यार्थियों को एआई और उभरती तकनीकों जैसे नए विषयों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उद्योग विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम धीरे-धीरे तकनीक और नवाचार का केंद्र बन रहा है। जागीरोड परियोजना से उत्पादित सेमीकंडक्टर चिप्स जुलाई 2026 से वैश्विक निर्यात के लिए तैयार होंगे। उन्होंने बांस आधारित उद्योगों पर जोर देते हुए बताया कि डिमा हासाओ में बांस से मीथेन उत्पादन परियोजना शुरू होगी, जबकि नुमालीगढ़ में बांस से इथेनॉल उत्पादन पहले ही प्रारंभ हो चुका है। स्वास्थ्य नवाचार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि असम के मेडिकल कॉलेजों में जल्द ही संगीतमय चिकित्सा (म्यूजिकल थेरेपी) शुरू की जाएगी, जो रोगियों की मानसिक स्थिति सुधारने में मददगार होगी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू का हवाला देते हुए उन्होंने जनसांख्यिकीय बदलाव पर टिप्पणी की कि पहले दो बच्चे परिवार के लिए आदर्श माने जाते थे, लेकिन भविष्य में उद्योग, अनुसंधान और नवाचार को बनाए रखने के लिए कम से कम तीन बच्चों की जरूरत पड़ेगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने संबोधन के समापन पर  विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, नैतिक मूल्यों और निरंतर सीखने पर ध्यान केंद्रित रहने की सलाह दी, ताकि बदलते समय के साथ सफलतापूर्वक अनुकूलित हो सकें।

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