नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। क्षेत्र में पिता-पुत्र पर हुए जानलेवा हमले के मामले में जब स्थानीय पुलिस ने तहरीर के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया, तो पीड़ित को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कैराना के आदेश पर अब नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव बेदखेड़ी निवासी अरुण सैनी पुत्र ओमप्रकाश ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि गांव के ही सन्नी पुत्र राजकुमार का परिवार उनसे पुरानी रंजिश रखता है। पूर्व में भी उनके पुत्र ऋतिक व अभिषेक के साथ मारपीट हो चुकी है, जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि 24 अप्रैल 2025 की शाम करीब सात बजे अरुण सैनी अपने पुत्र ऋतिक के साथ बाइक से शामली जा रहे थे। जैसे ही वे अगड़ीपुर पुलिया के पास पहुंचे, तभी सामने से रवि, सन्नी, राजकुमार, अंकित और वंश हाथों में सरिया, लाठी-डंडे और तमंचा लेकर आ गए।
आरोपियों ने बाइक रोक ली। रवि ने तमंचा अरुण सैनी की छाती पर सटाकर डराया, जबकि अन्य आरोपियों ने ऋतिक को जान से मारने की नीयत से पीटना शुरू कर दिया। सरिया और लाठी-डंडों से किए गए हमले में ऋतिक गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों को आता देख आरोपियों ने तमंचे की नाल से ऋतिक के सिर पर वार किया, जिससे उसका सिर फट गया और हड्डी तक गहरी चोट आई।
घायल को तत्काल सरकारी अस्पताल शामली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए इलाज व एक्स-रे किया। पीड़ित का आरोप है कि घटना की तहरीर थाना झिंझाना में दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी गई, फिर भी सुनवाई नहीं हुई। अंततः पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से आदेश मिलने के बाद पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


