मृतक के परिजनों व स्थानीय लोगों ने डुमरी विधायक जयराम महतो का किया विरोध।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बोकारो। नावाडीह प्रखंड के उपरघाट डुमरी विधायक जयराम महतो समर्थकों के साथ श्मशान घाट पहुंचे. परिजनों व स्थानीय लोगों ने विधायक का विरोध किया. कहा कि पांच दिन आप कहां थे. एक भी दिन शोकाकुल परिवार का हाल चाल नहीं लिया और शव आया तो फोटो खिचवाने श्मशान घाट तक चले आए. अगर आपने प्रयास किया होता तो उमेश महतो का शव तीन दिन अस्पताल में नहीं रहता व दाह संस्कार पहले हो जाता। बता दे की डुमरी विधानसभा क्षेत्र के नावाडीह प्रखण्ड ऊपरघाट स्थित जुरामना निवाशी नारायण महतो के मंझला पुत्र उमेश महतो महाराष्ट्र के औरंगाबाद में आरएस इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्य करता था। वही बीते 31 दिसंबर को कार्य के दौरान विद्युत की चपेट मे आने से घायल हो गया थे ऐसे मे नजदीक के अस्पताल मे भर्ती किया गया। जहा इलाज के दोरान 1जनवरी को उसकी मौत हो गई थी । मौत के बाद तीन दिन तक शव अस्पताल पर ही पड़ा रहा। कंपनी के द्वारा उचित मुआवजा नहीं मिलने के कारण शव साथी लोग नहीं उठा रहे थे। वही प्रवासी मजदूरों के हितार्थ काम करने वाले क्षेत्र के समाजसेवी भुनेश्वर कुमार महतो ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों से मिलकर ढाढस बंधाया। और अपने सहयोगी आदर्श श्रमिक एकता सामाजिक संस्था से संपर्क कर परिजन को उचित मुआवजा दिलाने में सफल रहे। कंपनी की ओर से 3 लाख 21 हजार रुपये पत्नी के बैंक खाते पर बीते 4 जनवरी को डाला गया, तब जाकर शव वहां से उठा जिसके बाद सड़क मार्ग से 6 जनवरी दिन मंगलवार को पैतृक गाँव ऊपरघाट के जुड़ामना गाँव शव पहुँचा। वही स्थानीय विधायक जयराम महतो परिजनों से मिल ढाँढस बंधाया है और हर संम्भव सरकारी लाभ दिलाने की बात कह गया है।



