लखनऊ: KGMU में हाई वोल्टेज ड्रामा
महिला आयोग उपाध्यक्ष अपर्णा यादव पहुंचीं, समर्थकों ने VC चैंबर में तोड़फोड़ की, कुलपति सोनिया नित्यानंद ने लगाए गंभीर आरोप, FIR की तैयारी

लखनऊ – किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में लव जिहाद, जबरन धर्मांतरण और महिला डॉक्टर के यौन शोषण के आरोपों से जुड़े विवाद ने शुक्रवार को उग्र रूप ले लिया। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव अपने समर्थकों और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ KGMU पहुंचीं। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद से मिलने की कोशिश में उन्हें कथित तौर पर 10 मिनट तक खड़ा रखा गया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई।
अपर्णा यादव ने परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर KGMU प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में महिला सुरक्षा के मामलों में असंवेदनशील रवैया अपनाया जा रहा है, आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है, विशाखा कमेटी पर दबाव डाला जा रहा है और बिना लाइसेंस ब्लड बैंक संचालित किया जा रहा है। अपर्णा यादव ने कुलपति से 8 सवालों के जवाब भी तलब किए, जिसमें धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रशासन की निष्क्रियता प्रमुख थी।
घटनाक्रम और हंगामा:
अपर्णा यादव के साथ बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठनों (विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल आदि) के लोग पहुंचे। VC चैंबर बंद मिलने पर समर्थकों ने दरवाजे पर धक्का-मुक्की की, सिटकनी तोड़ी, गमला फेंका और कंप्यूटर गिराया।प्रदर्शनकारियों ने आपत्तिजनक नारे लगाए, ‘जय श्री राम’, ‘वंदे मातरम’ के साथ आरोपी डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ प्रदर्शनकारी VC कार्यालय में जबरन घुसे, जिससे हंगामा बढ़ा। पुलिस को बुलाना पड़ा, स्थिति नियंत्रण में आई।
कुलपति सोनिया नित्यानंद की प्रेस कॉन्फ्रेंस:
इससे पहले दोपहर 12 बजे कुलपति सोनिया नित्यानंद ने अलग से प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:ऐसा माहौल में काम करना नामुमकिन है। ऐसी गुंडागर्दी स्वीकार नहीं की जाएगी।पिछले एक महीने से कोई भी मनमाने ढंग से प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शनकारियों और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी की गई है।
आरोपी जूनियर रेजिडेंट डॉ. रमीज उद्दीन नायक (रमीज मलिक) को पहले ही निलंबित किया जा चुका है, कैंपस में प्रवेश प्रतिबंधित है और उसकी बर्खास्तगी की सिफारिश डीजीएमई को भेजी जा रही है। विशाखा कमेटी की रिपोर्ट में सभी आरोप सत्य पाए गए हैं। कुलपति ने अपर्णा यादव के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि बिना पूर्व सूचना के 200 लोगों के साथ पहुंचना और हंगामा करना गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने KGMU परिवार के लिए पीस मार्च निकालने और जरूरत पड़ने पर बायकॉट की बात भी कही।



