असम

विश्वनाथ चारिआलि राष्ट्रभाषा प्रबोध विद्यालय परिचालना समिति ने विश्व हिंदी दिवस धूमधाम से मनाया

मैट्रिक व बारहवीं में उत्तीर्ण हिंदी विषय के मेधावी विद्यार्थियों को किया गया अभिनंदन

साहित्यकार ने स्वरचित कविता तथा लघुकथा पाठ कर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

विश्वनाथ , असम  :- विश्वनाथ जिले के साथ राज्य में हिंदी भाषा के साहित्य चर्चा तथा प्रचार- प्रसार के क्षेत्र में एक दशक से संलग्न संस्थान विश्वनाथ चारिआलि राष्ट्रभाषा प्रबोध विद्यालय परिचालना समिति ने विश्वनाथ चारिआलि शहर में स्थित राष्ट्रीय विद्यालय आमबाड़ी में शनिवार को विश्व हिंदी दिवस समारोह धूमधाम से मनाया ।इस अवसर पर कवि सम्मेलन तथा लघुकथा वाचन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।सर्वप्रथम समारोह का आयोजन अपराह्न 3 बजे किया जिसमें सचिव संतोष कुमार महतो द्वारा संचालित सभा की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष प्रभुनाथ सिंह ने की।समारोह का शुभारंभ अध्यक्ष प्रभुनाथ सिंह , वरिष्ठ अतिथि के रूप में विश्वनाथ के वरिष्ठ साहित्यकार हरिप्रसाद उपाध्याय,ऑरियंट फ्लावर वरिष्ठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्या मीना देवी , दीप प्रज्वलक वरिष्ठ संस्कृत विद्वान लोकनाथ शास्त्री ने माँ शारदा के फोटो के समीप दीप प्रज्वलित और उनके द्वारा दीप ज्योति श्लोकोच्चारण से हुआ।जिसके बाद वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके बाद सभाध्यक्ष प्रभुनाथ सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष सूर्य नारायण पाण्डेय, विशिष्ट अतिथि हरिप्रसाद उपाध्याय, विशिष्ट अतिथि मीना देवी, दीप प्रज्वलक लोकनाथ शास्त्री को फुलाम गामोछा तथा उपहार से सम्मानित किया गया।सचिव संतोष कुमार महतो ने सभा की उद्देश्य व्याख्या करते हुए सर्वप्रथम सभी हिंदी प्रेमी को विश्व हिंदी दिवस की शुभकामनाएं व बंधाईयाँ दी। इसके बाद आज के कार्यक्रम की जानकारी दी‌। विशिष्ट अतिथि हरिप्रसार उपाध्याय ने सभा को संबोधित करते हुए भारतीयता की भावभूमि और हिंदी के ऊपर सारगर्भित व्याख्यान दी।विश्व हिंदी दिवस तात्पर्य के ऊपर विस्तार से जानकारी दी।दीप प्रज्वलक लोकसभा शास्त्री ने हिंदी के विकास और स्थानीय भाषा के साथ हिंदी को लेकर आगे बढ़ने पर व्याख्यान दी। विशिष्ट अतिथि मीना देवी ने भी हिंदी भाषा के ऊपर ज्ञानवर्धक जानकारी दी। वरिष्ठ कवि जमीर अहमद ने संस्थान द्वारा हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार हुए कार्य की सराहना की। काव्य तथा लघुकथा वाचन का आयोजन किया गया जिसमें सर्वप्रथम संस्कृत भाषा के विद्वान लोकनाथ शास्त्री जी ने संस्कृत भाषा में स्वरचित कविता पाठ की। इसके बाद नेहा कुमारी राय ने “ मंकर संक्रांति ”, विज्ञान शिक्षक राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने “ भारत की गौरव गाथा ” , कवयित्री मनीषा पाल ‘मनस्वी’ ने “ हिंदी: हमारी शान ” , सैयदा अनोवारा खातुन ने “ भारत की भाषा है हिंदी ” कविता की प्रस्तुति दी। लेखिका मनीषा पाल ने सारगर्भित रचना “ देर आएं दुरुस्त आएं ” लघुकथा वाचन की।सभी कवि – कवयित्री को असम के पारंपरिक फुलाम गामोछा ,प्रशस्ति पत्र और उपहार से सम्मानित किया गया।कवि सम्मेलन में कवियों ने स्वरचित कविता पाठ कर श्रोताओं की वाहवाही लूटते हुए चार चाँद लगा दी।सभी की कविता में अंतर्निहित भावना को व्यक्त की और सभी की कविता एक से बढ़कर कहकर अतिथियों ने सराहना की। उपाध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता तथा विश्वनाथ महाविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यापिका गीता वर्मा ने हिंदीतर भाषी क्षेत्र विश्वनाथ में हो रहे हिंदी भाषा व साहित्य की कार्य की सराहना करते हुए वर्तमान हिंदी की स्थिति पर प्रकाश डालें।तत्पश्चात् सन् 2025 वर्ष में मैट्रिक तथा बारहवीं में उत्तीर्ण हिंदी भाषा के मेधावी विद्यार्थी व हिंदी में विशेष में लेटर अंक प्राप्त 10 विद्यार्थी को फुलाम गामोछा,अभिनंदन पत्र तथा उपहार से क्रमशः अंकिता वर्मा , दीपज्योति रॉय , खुशी कुमारी ,सिमरन गुप्ता,प्रियंका पाति, प्रिया गुप्ता,नंदिता चक्रवर्ती, दिशा पसवान , नंदनी राय , स्नेहा गुप्ता को सम्मानित किया गया। सभा के अध्यक्ष प्रभुनाथ सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में सभी के प्रति आभार जताते हुए संस्थान द्वारा विगत 10 वर्षों में हिंदी भाषा व साहित्य के विकास में किए गए कार्य की जानकारी दी और वैश्विक स्तर पर हिंदी की महत्ता और हिंदी भाषा के प्रयोजनीयता पर प्रभावशाली विचार व्यक्त किए।अंत में संस्थान के सचिव संतोष कुमार महतो ने अभार जताते हुए सभी महानुभावों से विनम्र निवेदन है कि आप हमारे कार्यक्रम में उपस्थित सभी होकर व संस्थान का भागीदार बनकर हिंदी भाषा के उत्थान में सहाय -सहयोग प्रदान करें। इस कार्यक्रम में संस्थान के उपाध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता, सह सांस्कृतिक सचिव मनीषा पाल,सलाहकार सत्यप्रकाश गुप्ता,सदस्या गीता वर्मा,वंदना दास , प्रचारिका पापली कुर्मी, समाजसेवी समानंद रौनियार, ऊषा देवी, विद्यार्थी तथा अभिभावक आदि मौजूद रहते हैं। इस गरिमामय सभा का समापन राष्ट्रगान होता है।

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