उपायुक्त ने जवाहर नवोदय विद्यालय बागशीशा का किया निरीक्षण, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देश
Deputy Commissioner inspected Jawahar Navodaya Vidyalaya Bagshisha and gave instructions for strengthening the basic facilities.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो
पाकुड़। उपायुक्त मनीष कुमार ने मंगलवार को जवाहर नवोदय विद्यालय, बागशीशा (पाकुड़) का निरीक्षण किया और विद्यालय प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विद्यालय की शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक गतिविधियों एवं आधारभूत संरचना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा विद्यालय की वर्तमान स्थिति, छात्र संख्या, कक्षावार नामांकन तथा संचालन में आ रही समस्याओं की जानकारी प्रस्तुत करने के साथ हुई। इसके पश्चात योग, खेलकूद एवं अन्य पाठ्येतर गतिविधियों पर आधारित प्रस्तुतीकरण दिया गया। उपायुक्त ने छात्रों के बालक-बालिका अनुपात, बोर्ड एवं नॉन-बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम, विज्ञान एवं मानविकी संकाय की स्थिति सहित विभिन्न शैक्षणिक पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने सभी गतिविधियों में निष्पक्षता और विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण एवं बैठक के दौरान विद्यालय प्रशासन द्वारा विभिन्न आवश्यकताओं से उपायुक्त को अवगत कराया गया। इस पर उपायुक्त ने ऊपरी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य को शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने का आश्वासन दिया। साथ ही विद्यालय परिसर में दो हैंडपंप लगाने की स्वीकृति प्रदान की। गंदगी, भोजन अवशेष एवं सीवेज निपटान से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त परिसर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए दो फ्लड लाइट लगाने, विद्यालय के सुचारू संचालन हेतु 2 टन क्षमता के दो एयर कंडीशनर एवं दो आरओ वाटर प्यूरीफायर की मंजूरी दी गई। वहीं दो मंजिला सांस्कृतिक कक्ष के निर्माण के लिए प्रक्रिया प्रारंभ करने तथा भवन निर्माण हेतु निविदा आमंत्रित करने का भी निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है। यहां अध्ययनरत छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को इसका शीघ्र लाभ मिल सके।



