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ईरान के विदेश मंत्री का वर पर आरोप- प्रदर्शन में हिंसा बहाना

हस्तक्षेप की ताक में डोनाल्ड ट्रंप

तेहरान । ईरान के अंदर जारी सत्ता विरोधी आंदोलन पूरी तरह से नियंत्रण में आ चुका है। ऐसा दावा ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने किया है। इसी के साथ उन्होंने देश के अंदर फैली हिंसा के लिए डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया है।

ईरान में बीते 15 दिनों से खामेनई सत्ता के खिलाफ जनता का उग्र विरोध प्रदर्शन जारी है। सरकार विरोधी आंदोलन की आग राजधानी तेहरान से लेकर देश के सभी 31 प्रांतों तक फैल चुकी है। इस बीच अशांत ईरान को लेकर विदेश मंत्री ने बड़ा दावा किया है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का दावा है कि देश के अंदर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में आ चुकी है। इसी के साथ उन्होंने हिंसा के लिए इस्राइल और अमेरिका को दोषी ठहराया है। हालांकि उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किया।
ट्रंप पर लगाया खूनी आंदोलन भड़काने का आरोप-इसी के साथ उन्होंने देश के अंदर उपजे हालात के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को भी घेरा। अमेरिका पर आरोप लगाते हुए सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को हिंसक और खूनी बनाया गया ताकि ट्रंप को दखल देने का बहाना मिल सके। दरअसल, ट्रंप लगातार ईरान की सरकार को आंदोलनकारियों पर कार्रवाई करने को लेकर चेतावनी दे रहे हैं।
मृतकों के आंकड़ों पर ईरान की चुप्पी-हालांकि अराघची ने सामने आए मृतकों के आंकड़ों पर कोई बयान या सबूत नहीं दिया। एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमें ज्यादातर प्रदर्शनकारी थे। तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बात करते हुए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तीखे शब्दों में इस बात पर जोर दिया कि ‘स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में आ गई है’।
कतर द्वारा वित्त पोषित अल जजीरा सैटेलाइट न्यूज नेटवर्क पर प्रसारित बयान में अराघची ने कहा, ‘इसीलिए प्रदर्शन हिंसक और खूनी हो गए ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके।ट बता दें कि देश के अंदर इंटरनेट बंद होने के बावजूद अल जजीरा को देश के अंदर से लाइव रिपोर्टिंग करने की अनुमति दी गई है।
ईरान में अब तक 544 की मौत-इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका की धमकी के बाद ईरान वाशिंगटन के साथ बातचीत करना चाहता है। यह कदम ऐसे समय आया है, जब देशव्यापी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 544 हो गई है। बता दें कि मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार विरोध प्रदर्शनों के दौरान 544 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और दर्जनों अन्य मामलों की समीक्षा जारी है। गिरफ्तारी के बाद 10,681 से अधिक व्यक्तियों को जेलों में भेज दिया गया है। देश भर में 186 शहरों में, सभी 31 प्रांतों में 585 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन जारी है। बता दें कि ये विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को बिगड़ती आर्थिक स्थिति के विरोध में शुरू हुए थे और तब से सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व के खिलाफ व्यापक प्रदर्शनों में तब्दील हो गए।
ईरान में अब तक क्या-क्या हुआ? बिंदुवार जानिए
ईरान में 28 दिसंबर को महंगाई और खराब अर्थव्यवस्था को लेकर प्रदर्शन शुरू हुआ।
जिसके बाद 15 दिनों से सरकार के खिलाफ विरोध में प्रदर्शन जारी है।
अब तक 544 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। 10 हजार से ज्यादा गिरफ्तारी
खामेनई सरकार के विरोध में नारेबाजी की जा रही है।
जबकि निर्वासित युवा रेजा पहलवी के समर्थन में लोग आए हैं।
7 जनवरी के बाद ईराक में नए सिरे से आंदोलन तेज हुआ।
इसी दिन पूरे देश में इंटरनेट और टेलीफोन सेना बंद कर दी गई।
ईरान में हिंसा के बीच अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है।

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