गोड्डा
कुड़मि समुदाय ने धूमधाम से निकाली टुसु विदाई सह भव्य शोभायात्रा।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
पथरगामा : जिले में कुड़मि जनजाति के बारह मासे तेरह पर्वों में से वर्ष के अंतिम एवं प्रमुख पर्व टुसु परब के शुभ अवसर पर पथरगामा प्रखंड अंतर्गत पिपरा पंचायत के होपनाटोला गांव में टुसु विदाई सह भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया।
इस शोभायात्रा में पीपरा, बाराबांध, रांगाटाड़, जमुआ, केरवार, परसपानी, बंसबीट्ठा, हरलाटोला सहित दर्जनों गांवों के लोग शामिल हुए। सुबह से शाम तक चली शोभायात्रा में महिलाओं ने पीला व लाल पाड़ की साड़ियां पहनकर ढोल, नगाड़ा व मांदर की थाप पर पारंपरिक झूमर गीतों के साथ उत्साहपूर्वक नृत्य किया। पूरे क्षेत्र में पर्व का उल्लास देखते ही बनता था।
कार्यक्रम में बतौर अतिथि हूल फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष संजीव कुमार महतो, आदिवासी कुड़मि समाज के केंद्रीय प्रधान प्रवक्ता सह संथाल परगना प्रभारी दीपक महतो एवं बालमुकुंद महतो उपस्थित रहे।
टुसु परब मुख्य रूप से झारखंड, पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा में मनाया जाने वाला प्रमुख लोकपर्व है, जो लगभग एक माह तक चलता है। पर्व से एक माह पूर्व डिनी उठाया जाता है, जिसके बाद कुंवारी बालिकाएं प्रतिदिन संध्या समय टुसु (डिनी) गीत गाकर टुसु को जागृत करती हैं। मकर संक्रांति के दिन रंग-बिरंगे टुसु चौड़ल बनाकर भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसके उपरांत डिनी व टुसु चौड़ल की विधिवत विदाई नदी में दी जाती है।
इस अवसर पर कुड़मी विकास मोर्चा के जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार महतो ने कहा कि कुड़मि जनजाति का “बारह मासे तेरह परब” उसकी सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने समाज से अपनी परंपरा, पर्व और संस्कृति को सहेज कर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुड़मि समुदाय के सभी पर्व कृषि आधारित हैं और टुसु परब वर्ष का अंतिम व अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। आने वाले वर्षों में इसे और वृहद स्तर पर मनाया जाएगा।
उन्होंने नारा दिया— “आपन परब, आपन गरब।”
कार्यक्रम में दीपक कुमार महतो, रमेश महतो, राजेश महतो, मदन महतो, राकेश महतो, निताइ महतो, मालेश्वर महतो, रामदुलाल महतो, रतन महतो, विनोद बसरिआर, जयप्रकाश बसरिआर सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चे उपस्थित रहे।




