
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर : उपखण्ड क्षेत्र मे से होकर गुजर रहे धौलपुर-नगर वाया भुसावर मेगा हाइवे-45 पर गांव हिंगोटा के पास बाणगंगा नदी पर लगी रेलिंग टूट चुकी लेकिन आर एस आर डी सी के अधिकारी आंख मूंदे हुए बैठे है।इस बाणगंगा पुल पर रेलिंग टूटने से कई हादसे हो चुके है ।फिर भी प्रशासन आंखों पर पट्टी बांधे हुए बैठा है। सरकार की ओर से टूटी हुई रेलिंग को सही नहीं कराया जा रहा है। इस पुल पर टूटी हुई रेलिंग लगने से हादसो की कमी आयेगी।
साथ ही प्रशासन व आमजन सहित वाहन चालक-मालिक आदि को दुर्घटनाओ से राहत मिलेगी।ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि जयपुर-आगरा हाइवे 21 से पथैना की ओर जा रहे धौलपुर-नगर मेगा हाइवे-45 को बाणगंगा नदी क्रास करती है,जिस पर पुल बना हुआ है,जो पुराना है।
इस ,पुल के किनारे लगी रेलिंग टूट चुकी है और आये दिन सडक हादसे हो रहे है।
कई बार इस सूखी नदी में वाहन चालक वाहनों का संतुलन खो बैठने पर आपको नदी के पेटे मे पाते है। कुछ वर्ष पूर्व सरकार की ओर से लगभग 16 लाख वजट स्वीकृत किया। तब जा कर रेलिंग का कार्यपूरा हुआ।अब लगी हुई रेलिंग दुबारा से टूट चुकी है।पर आर एस आरडीसी के अधिकारी टूटी हुई रेलिंग को लेकर चुप्पी साधे हुए है।मालाहेड़ा निवासी हमवीर ने बताया कि पथैना मार्ग के बाणगंगा नदी पुल वर्ष 1980 में बना,जिस पुल की 45 वर्ष से रैंलिग नही बनी और रैलिग के अभाव में 1980 से आज 200 से अधिक हादसा हुए,जिसमें 51 जनों की जान गई तथा 250 से अधिक लोग घायल हुए।
उक्त समस्या को लेकर कई बार मिडिया ने आए दिन हुए हादसा के समाचार प्रकाशित होने लगे। फिर भी सड़क निर्माण विभाग नहीं चेता है।सड़क से बाणगंगा नदी का पेटा 15 फिट की ऊंचाई पर है ।अगर कोई वाहन नदी में गिरता है तो उसके गिरते ही पर ख़च्चे उड़ जाते है।रेलिंग लगने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी। जब टूटी हुई रेलिंग के बारे में आर एस आर डी सी के कनिष्ठ अभियंता पुनीत सिंह से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि पुल की रेलिंग को देखकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।और समस्या का समाधान किया जाएगा।



