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यूपी दिवस पर तीन दिन होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

रोड शो और पारंपरिक खेल

लखनऊ। यूपी दिवस के अवसर पर प्रदेश भर में 24 से 26 जनवरी तक तीन दिन उत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर हर विभाग अपने क्षेत्र में अच्छा काम करने वालों को सम्मानित भी करेंगे।
यूपी दिवस पर प्रदेशभर में 24 से 26 जनवरी तक तीन दिन उत्सव मनाया जाएगा। इसमें सभी विभाग शामिल होंगे। विभागों की ओर से प्रदर्शनी, संगोष्ठी, कविता पाठ, सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रोड शो, पारंपरिक खेल आदि का आयोजन किया जाएगा। हर विभाग अपने क्षेत्र में अच्छा काम करने वालों को सम्मानित भी करेंगे।
यूपी दिवस पर विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत थीम के तहत सभी आयोजन किया जाएंगे। इसमें प्रदेश की प्रगति, नवाचार, सामाजिक समरसता व सांस्कृतिक चेतना को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य आयोजन राजधानी में राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर होगा। जबकि नोएडा समेत अन्य जिलों में भी आयोजन होंगे। इसके साथ ही यूपी दिवस में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती, 24 जनवरी यूपी दिवस, 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस व मतदाता जागरूकता दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस को भी शामिल किया जाएगा।
संस्कृति विभाग के अनुसार विभाग की ओर से पूरे यूपी में संस्कृति उत्सव मनाया जाएगा। तहसील, ब्लॉक, जिला व मंडल स्तर पर गायन, वादन, नृत्य, नाटक, संगोष्ठी जैसे आयोजन होंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पुराने वाद्य यंत्रों के प्रयोग पर जोर रहेगा। वहीं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम विभाग द्वारा एक जिला-एक उत्पाद के अंतर्गत प्रदेश के शिल्पकारों की प्रदर्शनी लगेगी। साथ ही एक जिला एक व्यंजन के उत्पादों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि अवस्थापना एवं औद्योगिक विभाग द्वारा स्टार्टअप व ईज आॅफ डूइंग बिजनेस आधारित प्रदर्शनी, इन्वेस्ट यूपी द्वारा दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था पर, संस्कृति विभाग प्रदेश की कला, संस्कृति व इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी लगाएगा। राजकीय अभिलेखागार प्रदेश की यात्रा से संबंधित संकलित अभिलेखों की प्रदर्शनी लगाएगा। नगर विकास व पंचायती राज विभाग 26 जनवरी तक विशेष सफाई अभियान चलाएगा।
इन दूतावासों व प्रदेशों में आयोजन
मुख्य सचिव ने कहा है कि यूपी दिवस का आयोजन फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर, थाईलैंड आदि देशों में भी भारतीय दूतावासों के सहयोग से किया जाएगा। इसमें भारत के राजदूतों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। वहीं दिल्ली, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों में वहां के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री व विशिष्ट नागरिकों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाए।

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