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‘शिंदे भी नहीं चाहते भाजपा का मेयर, होटल बना जेल…

बीएमसी महापौर पर संजय राउत के बयान से बढ़ा सस्पेंस

मुंबई । मुंबई में मेयर पद को लेकर जारी खींचतान और होटल पॉलिटिक्स पर शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे भी मुंबई में भाजपा का मेयर नहीं चाहते। राउत ने ये भी कहा कि कई पार्षद उनके संपर्क में हैं और वे पार्षदों से मिलने ताज होटल जा सकते हैं।
मुंबई में मेयर पद को लेकर सस्पेंस लगातार बढ़ रहा है। चुनाव नतीजों के बाद एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने ढाई-ढाई साल के फामूर्ले पर भाजपा से मेयर पद की मांग की है और अपने पार्षदों को होटल में ठहरा दिया है। सीएम फडणवीस ने किसी विवाद से इनकार किया है, लेकिन घटनाक्रम को लेकर शिवसेना यूबीटी सक्रिय हो गई है और पहले उद्धव ठाकरे ने ये कहकर हलचल बढ़ाई कि भगवान ने चाहा तो शिवसेना यूबीटी का ही मेयर बनेगा। तो अब संजय राउत ने कह दिया है कि शिवसेना के कई पार्षद भाजपा का मेयर नहीं चाहते और कई लोग उनके संपर्क में हैं।
संजय राउत बोले- कौन चाहता है मुंबई में भाजपा का मेयर बने?
मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे के पार्षदों को इस तरह से होटल में बंदी बनाकर रखना कानून व्यवस्था का सवाल है। उन पार्षदों को डर है कि उनका अपहरण किया जा सकता है, उन्हें तोड़ा जा सकता है। ऐसे में शिंदे ने उन्हें ताज होटल में बंद कर दिया है और वहां पुलिस का कड़ा पहरा है। ये बहुत चिंताजनक बात है और ये पार्षदों के अधिकारों का हनन है।
शिंदे को 29 या 25 जो भी हैं, पार्षदों को तुरंत रिहा करना चाहिए।
शिवसेना यूबीटी नेता ने कहा, हमें और हमारे दोस्तों को ताज होटल जाना है, लेकिन हम वहां जाएंगे और वहां गड़बड़ हो जाएगी, लेकिन फिर भी हम वहां जाएंगे।
संजय राउत ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के गुट के कई पार्षद हमारे संपर्क में हैं। कौन चाहता है कि मुंबई में भाजपा का मेयर बने? खुद एकनाथ शिंदे भी ऐसा नहीं चाहते।
क्या है बीएमसी की सत्ता का गणित?
बीएमसी चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसने 89 सीटों पर जीत दर्ज की है। हालांकि भाजपा अकेले दम पर मेयर बनाने की स्थिति में नहीं और उसे बहुमत के आंकड़े को छूने के लिए शिवसेना की जरूरत है। शिवसेना ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की है। हालांकि दोनों पार्टियों के पार्षद मिलकर भी कुल आंकड़ा 118 होता है। 227 सीटों वाले मुंबई नगर निगम में बहुमत का आंकड़ा 114 है और महायुति के पास बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 4 ही ज्यादा पार्षद हैं।
शिवसेना यूबीटी के पास 65 पार्षद हैं और कांग्रेस के 24 पार्षदों ने जीत दर्ज की है। इनके अलावा मनसे के 6, एनसीपी शरद पवार गुट के पास एक, एआईएमआईएम के 8 और सपा के दो पार्षद भी हैं। ऐसे में अगर महाविकास अघाड़ी गठबंधन, महायुति के कुछ पार्षदों को तोड़ लेता है तो महाविकास अघाड़ी भी बीएमसी में मेयर बना सकता है। यही वजह है कि मुंबई नगर पालिका पर कब्जे की लड़ाई रोचक हो गई है।

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