असम

माघ बिहू के अवसर पर कोलकाता असमिया सांस्कृतिक संघ ने किया ‘रूपोहि हाट’ भोगाली मेला का सफल आयोजन। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

असम : माघ बिहू के उपलक्ष्य में कोलकाता असमिया सांस्कृतिक संघ ने बिहू के दो दिन पूर्व तिन दिवसीय कार्यक्रम के साथ असम भवन परिसर में ‘रुपोहि हाट’ नामक भोगाली मेला एवं पारंपरिक उरूका सामुदायिक भोज का सफल आयोजन किया। इस आयोजन ने असमिया संस्कृति, परंपराओं एवं स्वदेशी उद्यमिता की समृद्धि को एक बार फिर प्रदर्शित किया, जिसमें विभिन्न समुदायों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 2023 से कोलकाता असमिया सांस्कृतिक संघ की स्वतंत्र पहल पर शुरू हुए रुपोहि हाट में असम के विभिन्न जिलों से स्वदेशी खाद्य पदार्थ, वस्त्र, आभूषण एवं अन्य पारंपरिक उत्पादों के विक्रेताओं ने भाग लिया है। वर्षों से कोलकाता में अपनी अलग पहचान बना चुके इस मेले को असमिया समुदाय के साथ-साथ बंगाली भाषी निवासियों से भी सराहना मिली है तथा यह असम और बंगाल के बीच सांस्कृतिक सौहार्द का प्रतीक बन चुका है। इस वर्ष के रुपोहि हाट का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने किया। कोलकाता असमिया सांस्कृतिक संघ के अध्यक्ष डॉ. खनिंड्र पाठक, असम भवन के संयुक्त रेसिडेंट आयुक्त रंदीप दाम, संघ के मुख्य सलाहकार देव सोनोवाल एवं अन्य सदस्यों की उपस्थिति में राज्यपाल ने पारंपरिक असमिया नांगोला शैली में निर्मित मुख्य द्वार खोलकर मेले का उद्घाटन किया। उद्घाटन भाषण में राज्यपाल ने महिलाओं के सशक्तिकरण को सृजन का आधार स्तंभ बताते हुए फ्लोरिकल्चर के माध्यम से आत्मनिर्भरता हासिल करने वाले चिकित्सकों के उदाहरण दिए। उन्होंने भिखारियों से रहित छत्तीसगढ़वासियों की कड़ी मेहनत का उल्लेख करते हुए जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने एवं पालने की अपील की। संघ के कार्यकारी अध्यक्ष हितेन हठखोवा ने अपने समापन भाषण में कहा कि संघ पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए लंबे समय से प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी इसे जारी रखेगा। राज्यपाल ने असमिया भाषा एवं संस्कृति की अद्वितीय पहचान पर जोर देते हुए कहा कि कोई संस्कृति या व्यक्तित्व दूसरे से तुलनीय नहीं होता, क्योंकि प्रत्येक की अपनी विशिष्ट विशेषताएं होती हैं। उन्होंने संस्कृतियों को प्रतिस्पर्धी न बताते हुए पूरक करार दिया तथा संघ की स्वयं की कोशिशों से कोलकाता में रुपोहि हाट के आयोजन को सांस्कृतिक सौहार्द की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस वर्ष रुपोहि हाट में असम के सुवालकुची, बरपेटा, श्रीभूमि, बोडोलैंड एवं गुवाहाटी सहित कई क्षेत्रों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल की पहल पर छत्तीसगढ़ से पांच विक्रेताओं ने ‘अतिथि राज्य’ के रूप में भागीदारी की। स्टलों का दौरा करने के दौरान राज्यपाल ने विक्रेताओं से भेंट कर अपने विशाल अनुभव से सलाह एवं प्रोत्साहन दिया।अंतिम संध्या पर कोलकाता के लगभग 400 निवासियों ने भोगाली भोज में भाग लिया, जिसमें असमिया पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया गया। उसके बाद इंदिरा डेका रॉय, सुजाता पॉल, अभिप्रिया गोस्वामी, कनुश्री बरुआ, तेजपुर की अतिथि गायिका अंवेशा कांन बोरा, हर्षा रिब शंदिल्या एवं स्वप्निल कश्यप के मोहक प्रदर्शनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए संघ की महासचिव इंदुकल्पा सैकिया ने कहा कि संघ की ऐसी पहलों का मुख्य उद्देश्य कोलकाता में रहने वाली युवा पीढ़ी को असमिया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति से परिचित कराना तथा इस विरासत से जुड़े लोगों को एकजुट करने के अवसर प्रदान करना है। उत्सव का समापन भोगाली लॉटरी से हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साह एवं खुशी के साथ भाग लिया। पारंपरिक असमिया भोज से पूर्व मेजी (अग्निकुंड) प्रज्ज्वलित किया गया तथा उपस्थितजन अग्नि के समक्ष प्रार्थना कर शांति एवं समृद्धि की कामना की। भोगाली भोज में असम भवन के संयुक्त रेसिडेंट आयुक्त रंदीप दाम एवं प्रसिद्ध अभिनेत्री जया सील घोष सहित कई अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button