झारखंड

इतिहास में पहली बार भारत से दो आदिवासी जनप्रतिनिधि वैश्विक मंच पर बने सहभागी, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ‘व्हाइट बैज’, कल्पना मुर्मु सोरेन को ‘WEF बैज’ से सम्मानित

For the first time in history, two tribal representatives from India participated on a global platform. Chief Minister Hemant Soren was honored with the 'White Badge' and Kalpana Murmu Soren was honored with the 'WEF Badge'.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
दावोस/रांची | 21 जनवरी 2026, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 झारखण्ड के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण लेकर आया है। यह पहली बार है जब भारत के किसी राज्य से दो चुने हुए आदिवासी जनप्रतिनिधि—झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन तथा गांडेय विधायक एवं झारखण्ड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष कल्पना मुर्मु सोरेन—आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में सहभागी बने हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को मंच की ओर से सर्वोच्च सम्मान ‘व्हाइट बैज’ प्रदान किया गया, जबकि कल्पना मुर्मु सोरेन को ‘WEF बैज’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान वैश्विक मंच पर झारखण्ड के नेतृत्व और प्रतिनिधित्व को नई पहचान देता है।

आदिवासी समाज के लिए गौरव का क्षण

यह उपलब्धि केवल झारखण्ड के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान आदिवासी पहचान, नेतृत्व और आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान करता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि झारखण्ड न केवल प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने में भी सक्षम है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे प्रतिष्ठित मंच पर यह प्रतिनिधित्व आदिवासी समाज के आत्मविश्वास, सम्मान और सहभागिता का प्रतीक माना जा रहा है। इस उपलब्धि के साथ ही वैश्विक मंच पर ‘जोहार’ की गूंज और अधिक सशक्त हुई है।

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