
लखनऊ — गणतंत्र दिवस 2026 की तैयारियां राजधानी लखनऊ में जोरों पर हैं। आज विधान भवन से केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक परेड का प्रथम पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें लखनऊ जिला प्रशासन और पुलिस का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। जिला मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) के कुशल नेतृत्व में पूरी रिहर्सल अनुशासन की जीती-जागती मिसाल बनी। सेना, पुलिस, पीएसी, एनसीसी, स्कूली छात्र-छात्राओं और अन्य दलों की परेड निर्धारित मार्ग पर सुचारु रूप से चली।
ट्रैफिक प्रबंधन में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (जॉइंट CP) की सटीक रणनीति से हजरतगंज, चारबाग, विधानसभा और आसपास के व्यस्त इलाकों में कोई बड़ा जाम नहीं लगा। विशेष रूप से सराहनीय रहा हजरतगंज चौराहे पर इंस्पेक्टर और उनकी टीम का त्वरित निर्णय—परेड के बीच से गुजर रही एक एम्बुलेंस को तत्काल रास्ता साफ कर निकाला गया, जिससे इमरजेंसी सेवा में कोई बाधा नहीं आई। यह घटना प्रशासन की परिपक्वता, मानवीय दृष्टिकोण और प्रोफेशनलिज्म को रेखांकित करती है। कलेक्टर से लेकर थाना स्तर तक मजबूत कोऑर्डिनेशन के चलते परेड चली और जरूरी वाहन भी निर्बाध निकल सके—यह बेहतर मैनेजमेंट की अनुपम उदाहरण है।
आगामी कार्यक्रम 24 जनवरी: फुल ड्रेस रिहर्सल 26 जनवरी मुख्य परेड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि डायवर्जन प्लान का पालन करें और अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाएं। इमरजेंसी सेवाओं (एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि) को प्राथमिकता दी जा रही है। लखनऊ प्रशासन का यह प्रयास न केवल गणतंत्र दिवस को यादगार बनाने की दिशा में है, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही और संवेदनशीलता का भी प्रतीक है।




