उत्तरकाशी की पहाड़ियां हुई बर्फवारी से सफेद , काश्तकारों के चेहरेंआयी मुस्कान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उत्तरकाशी : बहुत दिनों के सूखे के बाद मौसम की पहली के चेहरे पर मुस्कान लौक आयी है । हिमालयी क्षेत्रो में बड़ी संख्या में लोग बागवानी व कृषि से जुडे हुए है । खासकर सेब के बागवान वर्फवारी न होने से खासे चिंतित थे । सेब की अच्छी फसल के लिए वर्फवारी होना आवश्यक होता हैं । मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विछोप के चलते भारी बारिश व वर्फवारी की संभावना वयक्त की गयी थी ।. जिला प्रशासन ने भी संबधित विभागों को वयवस्थाओं को चुस्त दुरस्त रखने के आदेश दिये थे । जनपद उत्तरकाशी के मोरी आरकोट , राडी , झाला, हरसिल , धौतरी चौरंगीखाल आदि क्षेत्र में भारी वर्फवारी की संभावना के चलते वर्फ हटाने के लिए मशीनों की वयस्था के लिए पीडब्ल्यूडी, एन एच को आदेश दिये थे । चूंकि उत्तर काशी का माघमेला 24 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है । जिसमें बडी़ संख्या में ग्रामीण मेले मे सम्मलित होने आ रहे हैं । जिनमें महिलाएं ,बच्चे ,बूढे भी सामिल है । ऐसे में कोई अप्रिय घटना न घटित हो इसे लेकर जिला प्रशासन एल्ट मोड में है । जनपद उत्तरकाशी के मोरी ,जखोल, हरसिल, राडी ,यमुनोत्री, गंगोत्री, धराली ,चौरंगी खाल आदि क्षेत्रो भारी वर्फवारी की सूचनाएं प्राप्त हो रही है । वर्फवारी के चलते पर्यटन कारोबारीयों के चेहरे भी खिल उठे हैं । उत्तरकाशी के वर्फवारी वाले क्षेत्रों में बड़ी संख्या में वर्फवारी का आंनद लेने के लिए देशी विदेशी पर्यटक पहाड़ों पर आते हैं ।




