निलंबन के बाद पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री द्वारा समर्थकों के साथ
डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

बरेली में प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा: अलंकार अग्निहोत्री ने किया धरना, हाईकोर्ट जाने का ऐलान
सिटी मजिस्ट्रेट पद छोड़ने के बाद सड़क पर संघर्ष में उतरे अलंकार अग्निहोत्री, कलक्ट्रेट परिसर में की गई नारेबाजी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद निलंबित किए गए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने शासन और जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है। मंगलवार को वह अपने समर्थकों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और परिसर के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण भी हो गई।
2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके कुछ ही घंटों बाद देर रात शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन के विरोध में मंगलवार सुबह उनके सरकारी आवास के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद वह पैदल ही समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट पहुंच गए।
धरने के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश की गई है। उन्होंने दोहराया कि उन्हें सोमवार रात डीएम आवास में रोके जाने का प्रयास किया गया था, हालांकि जिला प्रशासन इन आरोपों को पहले ही निराधार बता चुका है।
उन्होंने कहा कि जब वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटे तो देर रात निलंबन की कार्रवाई कर दी गई। अलंकार अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि वह इस फैसले को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट जाएंगे और आवश्यकता पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक भी लड़ाई लड़ेंगे।
कलक्ट्रेट पहुंचने पर डीएम कार्यालय का मुख्य गेट बंद मिला। इसके बाद वह वहीं जमीन पर बैठ गए और करीब एक घंटे तक डीएम के आने का इंतजार किया। बाद में उन्हें समर्थकों के साथ सभागार में बैठने की अनुमति दी गई, जहां मीडिया को प्रवेश नहीं दिया गया।
डीएम चेंबर के सामने करीब आधे घंटे तक नारेबाजी होती रही। सुबह करीब 11:58 बजे अलंकार अग्निहोत्री डीएम से मिलने के लिए उठे और समर्थकों के साथ सभागार पहुंचे, जहां भी कुछ देर तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
इधर, सिटी मजिस्ट्रेट आवास स्थित एडीएम कंपाउंड का मुख्य गेट पुलिस ने बंद कर दिया। प्रशासन का कहना था कि यह कदम उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उठाया गया। इसके बाद समर्थकों को दामोदर पार्क में एकत्र होने का आह्वान किया गया।
मौके पर एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एसपी देहात मुकेश चंद्र मिश्रा, एसडीएम सदर प्रमोद कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि उन्होंने शंकराचार्य के अपमान और यूजीसी कानून के विरोध में इस्तीफा दिया था। वहीं, जिला प्रशासन का दावा है कि पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई है और लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।



