एचडीएफसी बैंक परिवर्तन एवं प्रदान द्वारा बोकारो में महिला उद्यमिता आधारित आजीविका परियोजना का शुभारंभ

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन के सहयोग एवं प्रदान (PRADAN) द्वारा क्रियान्वित परियोजना “FDP–हजारीबाग एवं बोकारो: Strengthening Her Initiative for Innovation and Enterprises” का औपचारिक शुभारंभ होटल ज़ायका हैपनिंग्स, बोकारो, झारखंड में किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य हजारीबाग जिले के टाटीझरिया प्रखंड तथा बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के 1,200 ग्रामीण परिवारों की क्षमताओं और संसाधनों को सशक्त बनाना तथा सिंचाई एवं आजीविका आधारित संरचनाओं के माध्यम से उनकी उत्पादकता और आय में वृद्धि करना है।
यह परियोजना स्थानीय उत्पादन प्रणालियों की मौजूदा ताकतों पर आधारित होगी तथा छोटे और सीमांत किसानों के लिए उत्पादन, सेवाओं और बाजार से जुड़ी एक स्थानीय एवं समग्र आजीविका इकोसिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखती है। इस पहल के अंतर्गत महिलाओं को स्थानीय विकास की केंद्रीय भूमिका में सशक्त किया जाएगा तथा उत्पादक समूहों के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर ठोस और मापनीय प्रभाव उत्पन्न किया जाएगा।
परियोजना के अंतर्गत 22 गांवों में 58 सिंचाई संरचनाओं एवं 212 आजीविका संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे 248 अग्रणी महिला उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह पहल प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी 11 विभिन्न आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए महिला उद्यमिता क्षमताओं को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।
इस शुभारंभ कार्यक्रम में सुश्री शताब्दी मजूमदार, उप विकास आयुक्त (DDC), बोकारो; सुश्री नम्रता जोशी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), कसमार; सुश्री मौसमी सरकार, इंटीग्रेटर, प्रदान; श्री फिलमोन बिलुंग, जिला विकास प्रबंधक (DDM), नाबार्ड; श्री अनिल डुंगडुंग, जिला परियोजना प्रबंधक (DPM), नाबार्ड; श्री सौरव रंजन, सर्कल हेड, एचडीएफसी बैंक; श्री परविंदर सिंह, डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट, गवर्नमेंट एवं इंस्टीट्यूशनल बिजनेस; श्री अमन कुमार विक्रांत, एरिया हेड, गवर्नमेंट एवं इंस्टीट्यूशनल बिजनेस; श्री मोहित आनंद एवं श्री पवन कुमार, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO), मनरेगा, कसमार; डॉ. अनंत सागर, प्रखंड कृषि एवं उद्यान पदाधिकारी (BAHO), कसमार; सुश्री सरिता देवी, मुखिया, मुरुलसुदी; सुश्री बबीता देवी, मुखिया, हिसीम; सुश्री गीता देवी, मुखिया, बगदा; तथा श्री वीरेंद्र कुमार करमाली, उप-मुखिया, बगदा सहित पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी, तथा प्रदान और सहयोगी संस्थाओं के टीम सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महिला-नेतृत्व वाली आजीविका पहलों के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे समावेशी एवं सतत ग्रामीण विकास की आधारशिला बताया। इस परियोजना को आत्मनिर्भरता निर्माण, पारिवारिक आय में वृद्धि तथा ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालिक आर्थिक अवसर सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया। महिला-नेतृत्व वाले मॉडल को एक टिकाऊ दृष्टिकोण के रूप में रेखांकित किया गया, जो न केवल महिलाओं की क्षमताओं को सुदृढ़ करता है बल्कि संपूर्ण समुदाय की सामाजिक और आर्थिक संरचना को भी मजबूत बनाता है। वक्ताओं ने यह भी बताया कि आजीविका में महिलाओं का नेतृत्व पारिवारिक कल्याण को बेहतर बनाता है, सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देता है, संसाधनों तक पहुंच को सुदृढ़ करता है तथा समावेशी निर्णय-प्रक्रिया को प्रोत्साहित करता है, जिससे दीर्घकाल में सशक्त और आत्मनिर्भर सामुदायिक प्रणालियों का निर्माण होता है। यह पहल उन वंचित एवं हाशिये पर रहने वाले परिवारों तक पहुंच बनाने पर भी केंद्रित है, जो अब तक पारंपरिक विकास प्रयासों की पहुंच से बाहर रहे हैं।




