कैराना
धर्मगुरुओं और विवाह सेवा प्रदाताओं को दिलाई शपथ, बाल विवाह पर किया जागरूक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कैराना। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, नई दिल्ली के “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के तहत थाना कैराना में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य धर्मगुरुओं और विवाह से जुड़े सेवा प्रदाताओं को बाल विवाह की गंभीरता और इसके कानूनी प्रभाव के प्रति जागरूक करना था।
बुधवार को आयोजित कार्यक्रम का संचालन जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहम्मद मुशफेकीन ने किया। इस मौके पर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा से जुड़े धर्मगुरु, मैरिज हॉल, बैंक्विट हॉल, बैंड पार्टी, डीजे, फोटोग्राफर, टैंट हाउस और कैटरिंग सेवा प्रदाताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता थाना कैराना में तैनात मिशन शक्ति प्रभारी पिंकी गोस्वामी ने की, जिन्होंने बाल विवाह के खिलाफ सभी धर्मगुरुओं को शपथ दिलाई।महिला कल्याण विभाग की अधिकारी रीमा चौधरी और कोमल ने जानकारी दी कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका और 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह पूरी तरह से गैरकानूनी है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह से बच्चों के शारीरिक, मानसिक, शैक्षिक और सामाजिक विकास पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि बाल विवाह कराने या इसमें सहयोग करने पर दो वर्ष तक का कारावास या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। जिला में बाल विवाह निषेध अधिकारी के रूप में जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यरत हैं। वन स्टॉप सेंटर की किरण और पल्लवी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना की जानकारी भी दी। अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि यदि उन्हें बाल विवाह की सूचना या आशंका हो, तो वे तुरंत 1098, 112, 181 या नजदीकी पुलिस थाने में सूचित करें ।कार्यक्रम के समापन पर सभी धर्मगुरुओं और उपस्थित सेवा प्रदाताओं को बाल विवाह न करने और समाज में जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई।

