भरत पुर

कबीर और सूर भक्ति काल के अद्वितीय कवि हैं ।

महाविद्यालय में हिन्दी छात्र परिषद् की ओर से हुआ विस्तार व्याख्यान एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

भरतपुर । महारानी श्रीजया राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिन्दी विभाग एवं हिन्दी छात्र परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में विस्तार व्याख्यान एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर सुनीता पांडेय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त आचार्य प्रोफेसर इला मिश्रा एवं विशिष्ट वक्ता प्रोफेसर उर्मिला शर्मा उपस्थित रहीं। हिन्दी छात्र परिषद् के संयोजक डॉ. शशिकांत भारद्वाज ने बताया कि कार्यक्रम का आरम्भ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन,माल्यार्पण एवं हिन्दी विभाग के प्रोफेसर अशोक कुमार गुप्ता की भावमयी सरस्वती वन्दना से हुआ।कार्यक्रम में प्रो. उर्मिला शर्मा ने अपने व्याख्यान ‘हिन्दी साहित्य के इतिहास’ एवं ‘कबीर के समाज-बोध’ विषयों पर बोलते हुए कहा कि विद्यार्थियों को अधिक से अधिक उदाहरण याद करने चाहिए। उन्होंने कहा कि बूंद समुद्र में मिलने से कभी अलग नहीं हो सकती, इसी तरह आत्मा परमात्मा कभी अलग नहीं हो सकते।वहीं मुख्य वक्ता प्रो. इला मिश्रा ने ‘सूरदास की विशिष्ट काव्याभिव्यंजना’ एवं ‘भक्तिकालीन साहित्य’ पर अपना व्याख्यान देते हुए कहा कि हिन्दी में सूरदास उच्च कोटि के कवि रहे हैं। उन्होंने अपने पदों में कृष्ण की मनोहारी लीलाओं का चित्रण किया है। उन्होंने सूरदास का वाक् चातुर्य एवं मनोवैज्ञानिक अध्ययन के अनेक उदाहरण देते हुए सिद्ध किया कि सूरदास भक्ति काल के स्वर्णिम कवि हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्य प्रो. सुनीता पांडे ने भाषायी एवं विभागीय छात्र परिषद् के महत्त्व को उद्‌घाटित करते हुए कहा कि छात्र परिषद् विद्यार्थियों को उनके विचारों, रुचियों एवं भावनाओं के माध्यम से शिक्षक एवं संस्थान से अटूट रिश्ता बनाने की एक कड़ी है। इस अवसर पर हिन्दी छात्र परिषद् के तत्वावधान में पूर्व में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण किए। इन साहित्यिक प्रतियोगिताओं में रचना गुर्जर, सोनम त्यागी, मुस्कान सैनी, नटवर मीना, शिवानी त्यागी, क्षमा यादव, आरती प्रजापत, महेन्द्र, मुनमुन गर्ग आदि विजेता रहे। कार्यक्रम के अंत में हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. नरेश गोयल ने आगंतुक वक्ताओं, अतिथियों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि विस्तार व्याख्यानों से निश्चय ही विद्यार्थी लाभान्वित होते हैं।कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्रोफेसर सुनीता कुलश्रेष्ठ, महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी प्रोफेसर योगेन्द्र कुमार भानु, महाविद्यालय के संकाय सदस्य प्रोफेसर रामकिशोर उपाध्याय, प्रोफेसर अशोक कुमार गुप्ता,सह आचार्य अंजना शर्मा, डॉ. रामबाबू, डॉ.बालकृष्ण शर्मा, डॉ. डिम्पल जायसवाल, श्रीमती प्रीतिका,अजीत डिडेल,पवन सैनी, दिनेश कुमार मीना, उमाशंकर शर्मा, डॉ.शेर सिंह मीणा,अजब सिंह,अरविन्द कुमार मीना एवं बड़ी संख्या में महाविद्यालय के विद्यार्थी गण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शशिकांत भारद्वाज ने किया।

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