फर्जीवाड़े में कस्बे के एक चर्चित युवक की संलिप्तता होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना । आमजन की गाढ़ी कमाई की सुरक्षा का जिम्मा जिनके कंधों पर होता है, वही अगर भरोसे में सेंध लगा दें तो व्यवस्था पर सवाल खड़े होना लाजिमी है। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की कैराना शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक पर एक महिला की पहचान का दुरुपयोग कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 11 लाख रुपये का फर्जी ऋण स्वीकृत कराने और रकम हड़पने का गंभीर आरोप लगा है।
मोहल्ला मुलतानियान निवासी पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रेषित शिकायती पत्र में बताया कि उसने कभी भी पीएनबी कैराना शाखा से किसी प्रकार के ऋण के लिए आवेदन नहीं किया। इसके बावजूद तत्कालीन शाखा प्रबंधक अंकित पटेल ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत उसकी आईडी का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कर 11 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया। पीड़िता का आरोप है कि ऋण की पूरी राशि उसके खाते में कभी जमा ही नहीं हुई। बताया गया कि रकम को नकद निकाल लिया गया।हैरानी की बात यह है कि किसी भी दस्तावेज पर न तो उसके हस्ताक्षर हैं और न ही अंगूठे का निशान, फिर भी बैंकिंग सिस्टम में यह फर्जीवाड़ा बिना रोकटोक चलता रहा। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब बैंक की ओर से महिला के घर 11 लाख रुपये से अधिक की वसूली का नोटिस पहुंचा। नोटिस देखकर महिला स्तब्ध रह गई। मामला 23 जनवरी 2023 का बताया जा रहा है, लेकिन अब तक इस प्रकरण में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। पीड़िता ने मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराकर दोषी शाखा प्रबंधक सहित अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह मामला न केवल बैंकिंग व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि बैंक के भीतर बैठकर जनता की पहचान और भरोसे को लूटने वालों पर आखिर कब सख्त कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि कस्बे का ही एक चर्चित युवक भी इस घोटाले में शामिल है। अगर तत्कालीन शाखा प्रबन्धक के खिलाफ निष्पक्ष जाँच हुई तो चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।