पाकुड़

AIMIM की प्रेस वार्ता में उठाए जनसमस्याओं के मुद्दे, खनिज सम्पन्न झारखण्ड में बेरोज़गारी क्यों? अकिल अख्तर का सवाल

AIMIM raised public issues at its press conference. Akil Akhtar asked, "Why is there unemployment in mineral-rich Jharkhand?"

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़ जिले के इशाकपुर में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पाकुड़ विधानसभा के पूर्व विधायक अकिल अख्तर ने क्षेत्र से जुड़ी गंभीर जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पाकुड़ लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार रहा है। प्रेस को संबोधित करते हुए अकिल अख्तर ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोज़गारी, सड़क, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत समस्याओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्कूल और अस्पताल मौजूद होने के बावजूद ज़मीनी स्तर पर सुविधाओं का भारी अभाव है, जिससे आम जनता को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि AIMIM की राजनीति सत्ता या पद प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि जनसेवा, इंसाफ़ और बराबरी के लिए है। उन्होंने कहा कि पार्टी अल्पसंख्यक, पिछड़े और कमजोर वर्गों की आवाज़ को मजबूती से उठाती रहेगी और बिना किसी भेदभाव के विकास की नीति पर काम करेगी।
अकिल अख्तर ने झारखंड को एशिया के सबसे खनिज-संपन्न राज्यों में से एक बताते हुए कहा कि इसके बावजूद राज्य की जनता को बुनियादी सुविधाओं और रोज़गार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड की खनिज संपदा से अन्य राज्य और एशिया के देश समृद्ध हो रहे हैं, जबकि राज्य के ही निवासी पलायन कर मजदूरी करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार सृजन के मामले में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक, स्पीकर और मंत्री तक रहे जनप्रतिनिधि भी स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने में असफल रहे। अकिल अख्तर ने पश्चिम बंगाल सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकुड़ से सटे सीमावर्ती इलाकों में बंगाल सरकार ने अस्पतालों का निर्माण किया है, जबकि पाकुड़ के लोगों को इलाज के लिए बंगाल जाना पड़ रहा है और भारी खर्च उठाना पड़ता है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उच्च शिक्षा की व्यवस्था का घोर अभाव है, जिसके कारण यहां के युवा बड़े अधिकारी बनने के बजाय मजदूरी करने को मजबूर हैं। यह स्थिति शिक्षा की गिरती गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। प्रेस वार्ता में मौजूद अफीफ अमसल ने स्थानीय प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि पाकुड़ के युवाओं के लिए ठोस रोजगार योजनाएं कब लागू होंगी, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार कब होगा और जनता की शिकायतों पर जवाबदेही कब तय की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मुद्दों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो AIMIM जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन करेगी। अंत में अकिल अख्तर ने पाकुड़ की जनता से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की और इंसाफ़ व विकास की इस लड़ाई में पार्टी का साथ देने का आह्वान किया। प्रेस वार्ता में AIMIM पाकुड़ के पदाधिकारी सहित प्रखंड के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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