गाजियाबाद
पसमांदा समाज की महा-हुंकार
‘पसमांदा कल्याण बोर्ड’ गठन की मांग, नूर हसन भाटी ने सीएम योगी को सौंपा ज्ञापन
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
लोनी | गाजियाबाद उत्तर प्रदेश में पसमांदा समाज से जुड़ा मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हिंदुस्तानी पसमांदा मंच के प्रदेश संयोजक नूर हसन भाटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर राज्य में ‘पसमांदा कल्याण बोर्ड’ के गठन सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। ज्ञापन में पसमांदा समाज की आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से राज्य स्तर पर पसमांदा कल्याण बोर्ड के गठन की मांग की गई है, ताकि समाज के शैक्षणिक और आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके। इसके अलावा वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग, अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान और छात्रवृत्ति बोर्ड जैसे महत्वपूर्ण निकायों में पसमांदा समाज को उनकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने की मांग भी उठाई गई है।
साथ ही ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि वक्फ संपत्तियों में भ्रष्टाचार और असामाजिक तत्वों के खिलाफ आवाज उठाने वाले राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सहयोग दिया जाए।
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में नूर हसन भाटी ने कहा कि उनका संगठन राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद शमशाद मीर के नेतृत्व में देशभर में पसमांदा समाज को राष्ट्रवादी मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन डॉ. इंद्रेश कुमार (राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, आरएसएस) के मार्गदर्शन में सामाजिक जागरूकता अभियान चला रहा है।
भाटी ने कहा कि ‘सनातन हिंदू एकता यात्रा’ और ‘एक हिंद जय हिंद यात्रा’ के माध्यम से समाज में एकता और राष्ट्रवाद का संदेश देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पसमांदा समाज को मुख्यधारा में लाने के जो विचार व्यक्त किए गए हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि पसमांदा समाज राज्य की स्थिरता और विकास के लिए सरकार की जनहितकारी नीतियों का समर्थन करता है और भविष्य में भी समाज विकास की राह में सरकार के साथ खड़ा रहेगा।

