
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए कार्यालय सभागार में मिडिया के समक्ष अपनी बातों को रखते हुए,निष्पक्ष एवं स्वतंत्र रूप से संपन्न कराने को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में सोशल मीडिया पर हो रहे चुनावी प्रचार-प्रसार को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि हाल के दिनों में यह देखने को मिल रहा है कि कई सोशल मीडिया से जुड़े लोग खुले तौर पर किसी प्रत्याशी विशेष के साथ घूमते हुए उनके पक्ष में प्रचार कर रहे हैं, जो पत्रकारिता की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल खड़ा करता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका लोकतंत्र में बेहद अहम है, लेकिन किसी भी प्रत्याशी के पक्ष या विपक्ष में पक्षपातपूर्ण गतिविधियाँ लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुँचाती हैं। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे फॉलो-अप पोल, जनमत सर्वे और भ्रामक प्रचार को अनुचित बताते हुए इसे तुरंत रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
प्रशासन ने बताया कि चुनाव के दौरान होने वाले खर्चों की निगरानी के लिए एक्सपेंडिचर सेल सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया विज्ञापन और प्रचार सामग्री से संबंधित सभी खर्चों का विवरण इसी सेल के माध्यम से संकलित किया जा रहा है। बिना अनुमति या नियमों के उल्लंघन कर किए गए प्रचार को गंभीरता से लिया जाएगा।
इसके साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही फेक न्यूज़ पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने आम जनता, पत्रकारों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की कि यदि कहीं भी भ्रामक या नियमों के विरुद्ध सामग्री दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई प्रत्याशी स्वयं का सोशल मीडिया पेज संचालित कर रहा है, तो वह भी चुनाव आयोग और नगर निकाय द्वारा जारी गाइडलाइन के दायरे में आएगा। सभी प्रत्याशियों और मीडिया कर्मियों को इन दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने अंत में सभी से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव ही लोकतंत्र की असली पहचान है, और इसे बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है



