
महिलाएं और बच्चे भी उतरे मैदान में, गेट पर पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : मीरपुर हिंदू गांव की जमीन पर निर्माणाधीन डंपिंग ग्राउंड को लेकर ग्रामीणों और किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों किसान नगर पालिका प्रांगण में एक किसान की अर्थी सजाकर धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को भी आंदोलन जारी रहा। प्रशासन ने किसानों को नोटिस थमाकर धरना समाप्त करने का अल्टीमेटम दिया है, जबकि आंदोलनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर वे आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।
गौरतलब है कि डंपिंग ग्राउंड के विरोध के दौरान कुछ दिन पहले पुलिस ने लाठीचार्ज कर चार किसानों को गिरफ्तार कर लिया था। इसकी सूचना मिलते ही सैकड़ों किसान थाना ट्रॉनिका सिटी पहुंच गए और धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस को सभी किसानों को रिहा करना पड़ा। इसके बाद महापंचायत कर आंदोलन की अगली रणनीति तय की गई।
पूर्व घोषणा के अनुसार सोमवार को किसान और ग्रामीण नगर पालिका पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। धरना स्थल पर किसान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जता रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी इलाकों की गंदगी गांव में डाली जा रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण पर खतरा मंडरा रहा है। किसानों ने अधिकारियों पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
तहसील परिसर में बढ़ते तनाव की खबर मिलते ही मीरपुर हिंदू गांव की सैकड़ों महिलाएं और बच्चे भी आंदोलन में शामिल हो गए। वे हाथों में रोशनी लेकर डंपिंग ग्राउंड के गेट पर पहुंचे और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि गांव के भविष्य और बच्चों की सेहत से समझौता नहीं किया जाएगा।
धरने के दूसरे दिन भी कोई प्रशासनिक अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा। उल्टा किसानों को नगर पालिका परिसर खाली करने का नोटिस दे दिया गया, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और किसान अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। अब देखना होगा कि यह आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है।




