
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। सीएम ग्रिड योजना व पीडब्ल्यूडी के निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर उड़ रही धूल के कारण शहर की हवा खराब हो रही है। शहर के बढ़ते वायु सूचकांक को लेकर नगर निगम ने संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) के तहत नॉन-अटेनमेंट सिटी घोषित बरेली में समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि निर्माण और विकास कार्यों के चलते धूल प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप से जीआरएम स्कूल होते हुए कुदेशिया पुल तक कई स्थानों पर सीएंडडी वेस्ट, मिट्टी और धूल उड़ती हुई पाई गई। इस पर कार्यदायी एजेंसी मेसर्स शर्मा कंस्ट्रक्शन और मॉडल टाउन स्थित इसकी प्रोजेक्ट पर काम करने वाली कार्यदायी अनमोल एसोसिएट्स को नोटिस जारी कर दिया है।
एयर मॉनिटरिंग स्टेशन की रिपोर्ट के अनुसार 18 से 27 जनवरी के बीच शहर में पीएम 10 का औसत स्तर 100.9 दर्ज किया गया, जो वायु गुणवत्ता की अत्यंत खराब स्थिति को दर्शाता है। वहीं पिछले वर्ष की तुलना में पीएम 10 स्तर में 9 यूनिट की बढ़ोतरी भी सामने आई है। पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि निर्माण स्थलों पर ग्रीन मेट से सामग्री ढकना, नियमित पानी का छिड़काव करना और निर्माण अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण अनिवार्य है।
निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित विभागों और फर्मों पर एनवायरमेंटल कंपनसेशन (पर्यावरण मुआवजा) लगाने की कार्रवाई की जाएगी। मैसर्स अनमोल एसोसिएट सीएम ग्रिड योजना, मेसर्स शर्मा शर्मा कंस्ट्रक्शन सीएम ग्रिड योजना, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, बीडीए उपाध्यक्ष, प्रोजेक्ट मैनेजर सीएम ग्रिड प्रोजेक्ट, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीएसआईडीए, मुख्य कार्यकारी अधिकारी बरेली छावनी बोर्ड को नोटिस जारी किया है।
क्या होता है पीएम 10
प्रदूषण विभाग के मुताबिक पीएम 10 हवा में मौजूद 10 माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास वाले महीन धूल, मिट्टी और धुएं के कण हैं, जो सांस के जरिए फेफड़ों में प्रवेश कर सकते हैं। ये हानिकारक पदार्थ (धूल, पराग, धातु के कण) मुख्य रूप से निर्माण, वाहनों और कचरा जलाने से उत्पन्न होते हैं, जिससे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।


