गाजियाबाद
ड्यूटी खत्म होने के बाद भी दरोगा ने दिखाई मानवता
लोनी में दो नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद कर परिवार से मिलाया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का एक सराहनीय उदाहरण उस समय देखने को मिला जब ड्यूटी समाप्त कर घर जा रहे दरोगा विवेक जावला ने मानवता का परिचय देते हुए दो लापता नाबालिग लड़कियों को सकुशल उनके परिजनों से मिलाया।
जानकारी के अनुसार, दरोगा विवेक जावला अपनी ड्यूटी खत्म कर कमरे की ओर जा रहे थे। तभी थाने के बाहर उन्हें 8–9 लोग मिले, जिन्होंने बताया कि उनकी दो नाबालिग बेटियां पिछले दिन दोपहर से पानीपत से लापता हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि पानीपत थाने में पूरे दिन खड़े रहने के बावजूद उन्हें कोई मदद नहीं मिली।
मामले की गंभीरता को समझते हुए दरोगा विवेक जावला ने तुरंत अपने सहयोगी नीतेश को बुलाया और बिना समय गंवाए लड़कियों की तलाश शुरू कर दी। जिस नंबर से लड़कियों ने फोन किया था, उसका एसडीआर निकलवाकर संबंधित युवक को पूछताछ के लिए लाया गया। युवक ने बताया कि वह रिक्शा चलाता है और दोनों लड़कियां उसकी रिक्शा में बैठकर राशिद अली गेट पर उतरी थीं तथा उसके फोन से केवल एक कॉल किया था।
इसके बाद दरोगा विवेक जावला और उनकी टीम ने हर गली, मोहल्ले में पैदल सर्च अभियान चलाया। स्थानीय लोगों से पूछताछ के दौरान पता चला कि दो लड़कियां कमरा किराये पर लेने आई थीं। परिवार को साथ लेकर लगातार तलाश जारी रखी गई। अंततः देर रात पुसता चौकी के आगे सड़क किनारे मंदिर के बाहर दोनों लड़कियां सकुशल बैठी मिलीं।
बरामद लड़कियों की पहचान
रुबिदा पुत्री नासिर (उम्र 13 वर्ष)
फरहाना पुत्री गुलफाम (उम्र 15 वर्ष)
दोनों को सुरक्षित उनके परिवार को सौंप दिया गया।
हरियाणा से आए पीड़ित परिवार ने लोनी पुलिस और दरोगा विवेक जावला की जमकर सराहना की। उनका कहना था कि अगर दरोगा साहब तत्परता नहीं दिखाते तो बच्चियों को ढूंढना मुश्किल हो सकता था।
ड्यूटी समाप्त होने के बावजूद कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए दरोगा विवेक जावला द्वारा किया गया यह कार्य उत्तर प्रदेश पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करता है। क्षेत्र में उनकी इस सराहनीय कार्रवाई की खूब प्रशंसा हो रही है।


