
– ग्रामीण चिन्तित,प्रशासन बना मूक-बधिर
– दिन व रात को होता खनन
– क्रेसर की उडती धूल बन रही जान लेवा
– पहाड की ब्लास्ंिटग से घरो में दरार
– खनन माफियों के हौंसले बुलन्द
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर । उजडती पहाडियां,गायब होती हरियाली एवं पहाड खुदाई को किए जा रहे विस्फोट से ग्रामीण परेशान है,जिनके घरों में दरारे पड गई और आए दिन हादसा हो रहे है। खनिज,वन के द्वारा उक्त बिन्दुओं पर ध्यान नही देना वन सम्प्रदा एवं मानव जीवन को घातक सावित हो रही है,जिससे खनन माफियों के हौंसले बुलन्द है,जो खुलेआम अरावली पर्वत माला की पहाडियां,वन विभाग अधीनस्थ एवं आबादी क्षेत्र निकट खनन कार्य करने में जुटे हुए है। प्रशासन,वन,पुलिस,खनिज विभाग के द्वारा अवैध खनन की रोकथाम को अभियान चला रखा है,अभियान के तहत वैर-भुसावर उपखण्ड में कई स्थान पर नाका बना रहे है,जहां वन विभाग ने बिट प्रभारी भी लगा रखे हैं। एवं समस्त विभाग के आलाधिकारी व कर्मचारी तैनात है,जो केवल अभियान की खानापूर्ति करने में जुटे हुए है।रेवेन्यू विभाग व खनन विभागआज तक मात्र पत्थर से भरे तीन ट्रेक्टर-ट्राली ही पकडे,मूक-बधिर बने अभियान में जुटे आलाधिकारी,कर्मचारी एवं अन्य को जयपुर नेशनल हाइवे-21 एवं धौलपुर मेघा हाइवे-45 सहित अन्य सडक मार्ग पर पत्थर-बंजरी एवं रेता से भरे डम्फर,ट्रक, ट्रेक्टर-ट्राली आदि वाहन दौडते नजर नही आते,जबकि ऐसे दृश्य को देख ग्रामीणों में अनेक प्रकार की चर्चाए व्याप्त है। अभियान की खानापूर्ति से खनन माफियों के हौंसले बुलन्द है,जिन्हे मुख से निकली सुविधाएं मिल रही है,जिसके कारण खनन,रेवेन्यू,वन,पुलिस एवं प्रदूषण आदि विभाग चुप्पी लगाए हुई है।
– दिन रात होता खनन
वैर-बल्लभगढ मार्ग व घाटरी में क्रेसर जॉन की पगड़ियों में माइंदपुर निठार में रेवेन्यू विभाग की पहाड़ियों में अवैध खनन होता है,जो दिन रात चलता रहता है,उक्त अवैध खनन कर्ता खुलेआम अवैध खनन करते है और रात्रि के समय पहाड की खुदाई को विस्फोट होता है,रात्रि में ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टरों को पत्थर से भर लेते है और सुबह अंधेरे में वन विभाग व रेवेन्यू खनन प्रशासन की आंख में धुल झौंक रहे है। ये नजारा खुलेआम प्रशासन देख रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इन अवैध खनन कर्ताओं से क्रेशर संचालक भी सस्ते दामों में पत्थर खरीदते है।कई बार अवैध खनन की रोकथाम की बोला गया और विस्फोट बन्द करने की मांग की,लेकिन उसने ग्रामीणों की बात पर ध्यान नही दिया। इसी प्रकार से गांव मायदपुर के पास भी कई पहाड़ियों में अवैध खनन कर रहे है,जहां भी प्रशासन के अभियान की पालना नही होती,रात्रि को खुलेआम क्रेसर संचालकों के सहयोग से अवैध खनन चलता है।
– आए दिन होते हादसा
क्रेसर संचालकों को मानव जीवन के चिन्ता नही है,उन्हे केवल स्वयं के कारोबार की चिन्ता है,जो प्रशासन,वन एवं खनिज विभाग से मिली भगत खुलेआम विस्फोट कर पहाड की खुदाई करने लगे है। जिससे पत्थर उछल कर आबादी क्षेत्र में गिरते है और क्रेसर की धूल उड कर फसल पर गिरती है,जिससे घरो में दरारे आने लगी है और फसल की पैदावार पर बुरा असर पडता है। आसपास के ग्रामीणों, ने बताया कि रात्रि के समय विस्फोट की आवाज से ग्रामीण भयभीत हो जाते है और नींद गायब हो जाती है। विस्फोट के समय पहाड के पत्थर उछल कर घरो पर गिरते है,जिससे घरो में दरारे पड गई।
– कहां-कहां हो रहा खनन
गांव ,घाटरी,मंसापुरा,जसवर,सुआकी,का रवान, कोटकी,नयागांव खालसा,सुहारी,खोहरा,भौडागांव,हा थौडी, खातीपुरा,महाराजपुरा,सामन्तपुरा ,पथैना,भुसावर,वैर,नीमली आदि स्थान पर अवैध खनन जारी है।ग्रामीणों ने बताया कि कई बार उपखंड अधिकारी राधेश्याम मीणा से अवैध खनन के बारे में शिकायत की।पर उपखंड अधिकारी का एक ही जवाब मिलता है कि खनन विभाग के साथ मिलकर कार्यवाही की जाएगी ।पर पांच महीने गुजर जाने के बाद भी न तो रेवेन्यू विभाग ने कार्यवाही की और न ही खनन विभाग ने ।केवल उजड़ती ही पहाड़ियों का नजारा रेवेन्यू विभाग देख रहा है। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि के पुलिस ,रेवेन्यू व खनन विभाग को पैसे दिए जाते है इस लिए प्रशासन कार्यवाही नहीं करता है।
जब अवैध खनन के बारे में रेंजर राजेश शर्मा से बात कि तो उन्होंने बताया कि हमारी टीम वन क्षेत्र में अवैध खनन को रोकने में लगी हुई है।जल्द ही बड़ी कार्यवाही की जाएगी।


