भरत पुर

मशरूम उत्पादन का दिया प्रशिक्षण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
भरतपुर।   कृषि महाविद्यालय भुसावर ग्रामीण उद्यमिता कृषि जागरूकता योजनान्तर्गत कृषि स्नातक विद्यार्थियों को मशरूम उत्पादन का सघन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महाविद्यालय के डीन डॉ उदय भान सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी हुई बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है यानि उन्हें वर्ष भर काम नहीं मिलता है या एक दिन में कम घंटे काम मिलता है, इससे हमारी श्रम शक्ति का पूरा उपयोग नहीं होने से देश की अर्थव्यवस्था व विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। अतः हमें खेती एवं पशुपालन के अलावा अन्य धन्धे अपनाने की आवश्यकता है, जिससे ग्रामीण युवा एवं महिलाओं को पूर्ण रोजगार मिल सके। डॉ उदय भान सिंह के अनुसार मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, नर्सरी तथा आटा व दाल मिल ऐसे लघु उद्योग है, जिन्हे अपनाकर किसानों की आमदनी बढायी जा सकती है। पौधरोग विशेषज्ञ डॉ. शंकर लाल यादव ने बताया कि मशरूम उत्पादन एक कमरे में शुरू किया जा सकता है। मशरूम के पोषक मूल्य को देखते हुए इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। कृषि महाविद्यालय भुसावर पर ओयस्टार मशरूम तैयार किया जा रहा है। इसमें साधारण भूसे को बावस्टीन व फॉर्मलीन से निर्जमीकृत करके, भूसे के अतिरिक्त पानी निकाल कर उसमें मशरूम स्पान मिलाकर थैलियों में भर दिया जाता है। थैलियों को बांस की रैक पर अंधेरे कमरे में रखा जाता है। मशरूम उत्पादन विधि बहुत सरल है, इसे साधारण प्रशिक्षण लेकर शुरू किया जा सकता है।
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