
सहरिया बाहुल्य ग्रामों में विशेष अभियान, 307 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र जारी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश द्वारा जनहित के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सहरिया जनजाति के बच्चों के लिए एक विशेष पहल की गई। उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित नियमित जनता दर्शन एवं जनसुनवाई के दौरान कुछ सहरिया जनजाति के परिजन अपने बच्चों के साथ उपस्थित हुए थे। उन्होंने अवगत कराया कि उनके बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र अब तक जारी नहीं हुए हैं, जिसके कारण न तो आधार कार्ड बन पा रहे हैं और न ही वे शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर पा रहे हैं। परिजनों ने यह भी बताया कि जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में बच्चों को विद्यालयी प्रवेश, छात्रवृत्ति एवं अन्य शासकीय सुविधाओं में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने इस समस्या को अत्यंत गंभीरता से लिया और स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र बच्चा केवल दस्तावेजों के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने केवल उपस्थित परिवारों की समस्या के समाधान तक ही स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि जनपद के समस्त सहरिया जनजाति बाहुल्य ग्रामों की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर जिला पंचायत राज अधिकारी एवं समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विकास खंडों के अंतर्गत सहरिया जनजाति बहुल ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान एवं शिविर आयोजित कर ऐसे बच्चों का चिन्हांकन करें, जिनके जन्म प्रमाण पत्र अब तक जारी नहीं हुए हैं। साथ ही घर-घर संपर्क स्थापित कर आवश्यक अभिलेख एकत्रित कर जन्म प्रमाण पत्र निर्गत कराना सुनिश्चित करें। इसी क्रम में विकास खंड की ग्राम पंचायत धौर्रा, पिपरई, मड़ौन, कपासी एवं भारौन में विशेष अभियान चलाया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा घर-घर सर्वेक्षण कर 0 से 15 वर्ष तक के ऐसे बच्चों की पहचान की गई, जिनके जन्म प्रमाण पत्र नहीं बने थे। आवश्यक सूचना एवं अभिलेख प्राप्त कर त्वरित कार्यवाही करते हुए कुल 307 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए।
ग्राम पंचायतवार विवरण इस प्रकार है
ग्राम पंचायत धौर्रा- 74, ग्राम पंचायत पिपरई- 35, ग्राम पंचायत मड़ौन- 60, ग्राम पंचायत कपासी – 59, ग्राम पंचायत भारौन- 79 शामिल है। जन्म प्रमाण पत्र जारी होने से अब इन बच्चों के आधार कार्ड बनाए जा सकेंगे तथा विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को छात्रवृत्ति, शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। यह पहल न केवल जिला प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने की प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने निर्देशित किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान निरंतर संचालित किए जाएं, ताकि कोई भी पात्र बच्चा दस्तावेजों के अभाव में अपने संवैधानिक एवं शासकीय अधिकारों से वंचित न रहे। प्रशासन द्वारा शिक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अधिकारों की सुनिश्चितता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


