शामली
खोडसमा में श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन भक्ति भाव से सराबोर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। क्षेत्र के गांव खोडसमा शिव मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक चले कथा प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरा पांडाल भजनों और जयकारों से गूंजता रहा।
कथा व्यास आचार्य संजीव कुमार महाराज ने दूसरे दिन की कथा में श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि यह ग्रंथ केवल कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने ध्रुव चरित्र और प्रह्लाद भक्ति का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास से भगवान स्वयं भक्तों की रक्षा करते हैं।
कथा के दौरान जब बाल भक्तों की अडिग भक्ति का वर्णन हुआ तो कई श्रद्धालु भावुक हो उठे। महिलाओं ने भक्ति गीतों पर झूमते हुए राधे-राधे और गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो के जयकारे लगाए। वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
कथा व्यास के साथ शुभम और शक्ति सिंह ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। ढोलक, हारमोनियम और झांझ की धुनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। कई श्रद्धालु कथा समाप्ति तक ध्यानमग्न बैठे रहे।
आयोजकों ने बताया कि यह श्रीमद्भागवत कथा सात दिनों तक प्रतिदिन दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित होगी। कथा सुनने के लिए आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। खोडसमा गांव इन दिनों आध्यात्मिक वातावरण में डूबा हुआ है, जहां हर ओर भक्ति और श्रद्धा की गूंज सुनाई दे रही है।


